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शासन तक पहुंचा धोखे से बच्चेदानी निकालने का मामला

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पक्का बाग स्थित चांदनी अस्पताल में प्रसव के बाद बिना परिजनों को सूचना दिए महिला की बच्चेदानी निकालने का मामला शासन तक पहुंच गया है।
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महिला के पति मैनपुरी निवासी ध्रुव सिंह चौहान ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और सदर विधायक से मामले की शिकायत की।
विधायक ने सरिता भदौरिया ने शनिवार को प्रकरण की आधी-अधूरी जांच करके अस्पताल को बचाने का प्रयास कर रहे डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश यादव को फटकार लगाते हुए जांच रिपोर्ट के साथ तलब किया है।
किशनी मैनपुरी निवासी ध्रुव सिंह चौहान ने 26 जून को 22 वर्षीय पत्नी रीता को चांदनी अस्पताल में भर्ती कराया था। 27 जून को सिजेरियन से बच्चा पैदा होने के बाद डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताकर उसे भर्ती रखा।
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चार दिन तक इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलने के बाद बिना कुछ बताए मरीज को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। पीड़ित परिवार मरीज को सैफई चिकित्सा विवि लेकर पहुंचा तो बिना रेफर पर्चे के वहां भर्ती लेने से इनकार कर दिया गया।
इस पर घरवाले मरीज को कानपुर लेकर गए। वहां किरण अस्पताल में इलाज शुरू हुआ तो सामने आया कि महिला की बच्चेदानी गायब है। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत फ्रेंड्स कालोनी थाने और सीएमओ कार्यालय में की।
सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने जांच शुरू की। ध्रुव सिंह का आरोप है कि डिप्टी सीएमओ ने उनकी एक बात नहीं सुनी और अस्पताल प्रबंधन व आरोपी मेडिकल स्टाफ को बचाने के लिए उनके पक्ष में रिपोर्ट लगा दी।
स्थानीय प्रशासन की ओर से लीपापोती देख उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की है। सदर विधायक सरिता भदौरिया का कहना है कि किसी तरह की अनियमितता मिलने पर दोबारा जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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डिप्टी सीएमओ की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार का कहना है कि परिजनों को जानकारी देकर उनकी सहमति से बच्चेदानी निकाली गई थी। जांच अधिकारी डिप्टी सीएमओ को सभी साक्ष्य उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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