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धराशाई हुआ रावण

Thu, 22 Oct 2015 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
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जय-जय धुनि पूरी ब्रह्मांडा, जय रघुबीर प्रबल भुजदंडा ( रावण का वध होते ही पूरा ब्रह्ममांड राम की जय-जयकार करने लगता है और आकाश से देवता पुष्पवर्षा करते हैं।)। गुरुवार को विजय दशमी के पावन पर्व पर रामलीला मैदान में राम, रावण के युद्घ को देखने के लिए शहरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी।
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बच्चे भी परिजनों के साथ पुतला दहन को देखने के लिए पहुंचे और रावण के धराशाई होते ही जय श्री राम के जयघोष करने लगे। रामलीला मैदान में कुंभकरण व मेघनाथ के अंत के बाद शाम को राम-रावण के बीच लंबा युद्ध चला। भगवान के बार बार तीर से रावण का सिर धड़ से अलग करने के बाद भी रावण जीवित हो उठता था।

विभीषण के बताने पर जैसे ही भगवान राम ने रावण की नाभि में निशाना साधते हुए तीर मारा रावण तेज गर्जना के साथ धरती पर गिर गया। इधर रामलीला में तीर से रावण का अंत हुआ उधर रामलीला मैदान में खड़ा पुतला भी धू धू कर जलने लगा। चारों ओर जयश्री राम के जयघोष गूंज उठे।
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रामलीला मैदान में मौजूद बच्चे और बड़ों के चेहरे पर रावण के अंत के साथ ही खुशी की लहर दौड़ गई। रावण के अंत के साथ लोगों ने खुशियां मनाईं और बच्चों ने मैदान पर लगे मेले में चाट पकौड़ी व आइसक्रीम का लुत्फ लिया।
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