जसवंतनगर। श्री रामलीला समिति ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जसवंतनगर की मैदानी रामलीला के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। 23 सितंबर से कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। इस बार सड़क पर राम-रावण के बीच घमासान युद्ध तीन दिन तक चलेगा। रावण वध छह अक्तूबर को होगा।
श्री रामलीला समिति के मंत्री हीरालाल गुप्ता तथा संयोजक अजेंद्र सिंह गौर ने बताया कि दो वर्षों में कोरोना की वजह से रामलीला का आयोजन भली-भांति नहीं किया जा सका। इस बार इसका आयोजन 23 सितंबर को श्री गणेश शोभायात्रा निकाले जाने के साथ ही शुरू होगा। 24 सितंबर को धनुष भंग, 25 को राम बरात, 27 को राम वनवास, 28 को भरत मनौआ, 29 को जयंत की आंख फूटना, 30 को शूर्पणखा की नाक और कान काटने की लीला और खर दूषण वध की लीला का मंचन। एक अक्तूबर को स्वर्ण मृग मारीच वध, सीता हरण, सुग्रीव मिलन, दो अक्तूबर को बाली वध, रावण हनुमान संवाद, लंका दहन, अक्षय कुमार वध, तीन अक्तूबर को सेतुबंध रामेश्वरम, रावण अंगद संवाद , लक्ष्मण शक्ति की लीला होगी। चार अक्तूबर को दुर्मुख वध, कुंभकरण वध, अतिकाय वध, पांच अक्तूबर को नारायतक वध, नागफांस, मेघनाथ वध, सती सुलोचना, छह अक्तूबर को अहिरावण वध एवं रावण वध होगा। सात अक्तूबर को भरत मिलाप एवं नगर भ्रमण, मैदान में ढोला कार्यक्रम, 8 अक्तूबर को दोबारा नगर भ्रमण एवं मैदान में ढोला कार्यक्रम, 9 अक्तूबर को राजगद्दी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, 10 अक्तूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम, 11 से 15 अक्तूबर तक रासलीला कार्यक्रम होगा। 16 अक्तूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ रामलीला महोत्सव का समापन होगा।