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भावुक हो रो पडे़ रामगोपाल

Mon, 14 Nov 2016 07:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /इटावा
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बातचीत के दौरान भावुक हो उठे रामगोपाल यादव - फोटो : अमर उजाला
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सपा सेनिष्कासन के मुद्दे पर बात करते हुए रामगोपाल यादव भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने सपा का संविधान लिखा, झंडे और चुनाव चिंह का चयन किया, तमाम दिक्कतों और हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन के सामने बहस की। तीन घंटे की बहस के बाद टीएन शेषन ने 14 पेज का आदेश सुनाया। इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में बहस हुई। इसके बाद समाजवादी पार्टी का रजिस्ट्रेशन हुआ। सपा को पूरे देश में पार्टी को सम्मान दिलाया।
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उत्तर प्रदेश के 2012 के चुनाव में सपा की स्पष्ट बहुमत की सरकार बनाने में योगदान किया। उस व्यक्ति को पार्टी के रजत जयंती समारोह से पहले निकाल दिया जाये और उनके ऊपर बेईमानी के झूठे आरोप लगाये जायें इससे वे आहत हैं।  इतना कहते हुए वे भावुक होकर रो पडे़। उनकी आंखों में आंसू आ गये। पानी पिया और रुमाल से आंसू पोंछे। इसके बाद आगे के जवाब देना शुरू किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे पार्टी पर कोई दाग लगा हो। मैं निर्दोष हूं। मुझे किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं है।

सफाई न तो मैंने कभी दी है और न कभी दूंगा। सपा में वापसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे कभी अपनी वापसी के लिए नेताजी मुलायम सिंह यादव से नहीं कहेंगे। नेता जी हमेशा उन्हें बातचीत के लिए बुलाया करते थे। वे अपनी तरफ से कभी मिलने नहीं जाते थे। इस बार भी अपनी तरफ से नहीं जाएंगे। उन्हें पद का कभी कोई लालच नहीं रहा। न कभी मंत्री नहीं बनना चाहता। मेरी कोई राजनैतिक महत्वाकांक्षा कभी नहीं रही। यदि पार्टी  समझते हो कि अन्याय हुआ है तो ठीक कर लें। अन्यथा मुझे कोई लेना देना नहीं है।
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टिकट वितरण में हो रही है मनमारी
प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि  टिकट वितरण में कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं। बगैर शिवपाल सिंह यादव का नाम लिये उन्होंने कहा कि पार्टी में सभी लोग जानते हैं कौन मनमानी कर रहा है इसलिए नाम बताने की जरूरत नहीं है। यहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग सीएम अखिलेश यादव में आस्थावान होते हुए चुनाव लडे़गे वे जीत हासिल करें। इसी लिए उन्होंने संदेश दिया है जहंा अखिलेश वहां विजय। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस बात की चर्चा थी कि उत्तर प्रदेश में सीएम अखिलेश यादव दोबारा सरकार बनाने जा रहे हैं। ऐसीे स्थिति में नेताजी को गुमराह करके ऐसे हालात पैदा किए गए। क्योंकि कुछ लोग नहीं चाहते की प्रदेश में सपा की फिर से सरकार बने। आज सीएम अखिलेश के चेहरे का मुकाबला भाजपा, बसपा सहित किसी दल के पास नहीं है। वे देश के सबसे बडे़ नेता हैं।


मुलायम हैं देश के शानदार नेता
प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को देश का सबसे शानदार और बेमिसाल नेता बताया। उन्होंने कहा कि नेताजी जब अपने विवेक से फैसला लेते हैं तो उस पर कोई उंगुली नहीं उठा सकता। लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ में उन्हें गलत राय देकर गुमराह कर रहे हैं। राय देने वाले ठीक नहीं होते उनके प्रभाव में आकर गलत फैसले हो रहे हैं।

नेता कोई बने रामगोपाल नहीं हो सकता
राज्यसभा में नेता चयन को लेकर मुलायम सिंह यादव के फैसले को लेकर चल रही चर्चाओं के बारे में पूंछे जाने पर उन्होंने कहा कि नेता कोई भी बन जाये परंतु वह व्यक्ति कभी रामगोपाल नहीं हो सकता। नेता बनने की जो भी मूर्खता करेगा वह सिर्फ चार महीने के लिए बनेगा। विधानसभा चुनाव के बाद नहीं रह सकेगा। वे लगातार 25 साल से लोकसभा और राज्यसभा में नेता रहे हैं। उन पर नेता होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।


अब नहंी लिखेंगे कोई पत्र
रामगोपाल यादव ने कहा कि वे अपनी राय व्यक्त करने के लिए नेताजी को पत्र लिखते रहे। परंतु अब कोई पत्र नहीं लिखेंगे। अब वे अपने राजनैतिक अनुभवों केआधार पर किताब/ आत्मकथा लिखेंगे ताकि नेताजी भी इसे पढ़ सकेें। उन्होंने कहा कि सवाल उनकी वापसी का नहीं है उनके साथ जिन एमएलसी अथवा नेताओं को निकाला गया है। उन सभी की ससम्मान वापसी के बाद ही वे पार्टी में शािमल होंगे।
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