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रजबहा ओवरफ्लो, कई बीघा गेहूं की फसल जलमग्न

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पानी के बहाव को बोरी और मिट्टी लगाकर बंद करते किसान । - फोटो : ETAWHA
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निवाड़ीकला। नहर विभाग की लापरवाही से किसानों को भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दो दिनों से निवाड़ीकला रजबहे में क्षमता से अधिक पानी आने से गेहूं की फसल को नुकसान होने लगा है। गुरुवार को दो बार खांदी कटने से क्षेत्र की करीब पचास बीघा फसल में पानी भर गया, जिससे किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि पानी भरने से गेहूं की फसल को काफी नुकसान होगा।
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दो दिन पहले हुई बारिश ने गेहूं किसानों को वैसे ही परेशान कर रखा था। वहीं, अब रजबहा ओवरफ्लो होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है। किसान रामकृष्ण, पुरुषोत्तम, पंकज, चंद्रशेखर आदि ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल पकने को तैयार है। उसे सिंचाई की कोई आवश्यकता नहीं है।
ऐसे में रजबहे में क्षमता से अधिक पानी छोड़ना किसानों को बर्बाद करने के बराबर है। निवाड़ीकला रजबहे से निवाड़ीखुर्द, इंद्रावखी, नगला भदौरिया, इंद्रापुर सहित सैकड़ों गांवों की फसलों की सिंचाई होती है। गुरुवार को इंद्रापुर माइनर की खंदी को किसानों ने कड़ी मशक्कत के बाद बंद किया। किसानों ने नहर विभाग से रजबहे में पानी कम कराने की मांग की है।
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रजबहे में अभी मानक से कम ही पानी चल रहा है, जिससे टेल तक पानी पहुंच सके। ओवरफ्लो के कारण अगर फसलों को नुकसान हो रहा है तो जल्द ही पानी कम करवा दिया जाएगा।
प्रदीप, जेई, नहर विभाग
कृषि जानकर देवेंद्र कुमार की मानें तो किसी भी फसल में पकने के समय पानी लगाने से उसकी पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अब गेहूं की फसल पकने को तैयार है। ऐसे में अगर जलभराव की स्थिति बनती है तो फसल में दाना हल्का होने की संभावना बन जाती है।
1- माइनर की खांदी बंद कर रहे किसान राजेश बाथम ने बताया कि अब गेहूं की फसल को पानी की कोई आवश्यकता नहीं है। फिर भी पानी बढ़ाया जा रहा है। सुबह से खांदी को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
2- किसान राजू दीक्षित का कहना है कि जब सिंचाई की आवश्यकता होती है, तब पानी नहीं छोड़ा जाता है। अब जब फसल पकी खड़ी है तो अथाह पानी आ रहा है। इससे नुकसान के सिवा कुछ नहीं है।
3- मथुरा पाल का कहना है कि किसान वैसे भी प्रकृति और महंगाई की मार झेल रहा है। अब नहर विभाग भी पानी बढ़ाए हुए है। फसल में पानी भरने से काफी नुकसान होगा। जिन खेतों में पानी भर गया है उनमें गेहूं की पैदावार भी घटेगी।
4- युवा किसान गौरव का कहना है कि सुबह से दो बार खांदी कट चुकी है। अभी करीब बीस बीघा फसल जलमग्न हुई है। डर है कि कहीं फिर खंदी कट गई तो बर्बाद हो जाएंगे।
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