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Etawah News: ारिश से लड़खड़ाई बिजली आपूर्ति, किसानों की चिंता बढ़ी

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इटावा। झमाझम बारिश से जिले की बिजली आपूर्ति की व्यवस्था चरमरा गई। 12 मोहल्लों में रात भर बिजली गुल रही। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह जलभराव की समस्या से लोग परेशान हुए।
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मंगलवार देर रात करीब 11 बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। रुक-रुक कर बारिश सुबह चार बजे तक होते रही। इससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कई जगह आपूर्ति बाधित हो गई। शहर के पक्का तालाब क्षेत्र, नौरंगाबाद, साबितगंज, रामगंज, कटरा साहब खां करीब 12 मोहल्लों में देर रात बिजली चली गई। बुधवार सुबह तक आपूर्ति बाधित रही। बारिश बंद होने के बाद सुबह बिजली विभाग की टीम ने कांबिंग करके फॉल्ट तलाशे। इसके बाद करीब नौ बजे आपूर्ति को सुचारु किया जा सका। सोमवार को जहां न्यूनतम तापमान 14 डिग्री और अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मंगलवार को बारिश होने के बाद न्यूनतम तापमान तो स्थिर रहा, लेकिन अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस गिरकर 19 डिग्री पर आ गया।
25 गांवों में नहीं आई बिजली
निबाड़ीकला/इकदिल। बारिश में बिजली घर से जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों में सुबह तीन बजे से गायब बिजली आपूर्ति देर शाम तक बहाल हो पाई। बारिश के कारण निबाड़ीकला 33/11 बिधुत उपकेंद्र से जुड़े निवाड़ीखुर्द, दांदरपुर, नगला तुला, स्माइलपुर, पेबली, नौगवां, नगला गुलाब, उरेंग, करपिया, कुशगवा सहित कई गांवों की बिजली आपूर्ति 10 घंटे तक बाधित रही। वहीं इकदिल में तेज पानी और हवा से बुधवार सुबह तीन बजे टकरूपुरा उपकेंद्र से जुड़े कस्बे और लगभग 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। दोपहर एक बजे के बाद बिजली विभाग की टीम फॉल्टों को सही करके बिजली आपूर्ति को सुचारु कर सकीं। (संवाद)
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खेतों में भरा पानी, आलू और सरसों को नुकसान
- बारिश ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बारिश से जसवंतनगर, इकदिल महेवा और बकेवर में फसलों को नुकसान हुआ है। आलू, सरसों की फसलों को खराब होता देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनके चेहरे मुरझा गए हैं।
बारिश में सब्जियों की फसलें डूब गईं हैं। गेहूं की फसल पानी भरे रहने से पीली पड़ जाएगी। बालियां कम हो जाएंगी। आलू उत्पादक किसानों पर इस बारिश का सर्वाधिक नुकसान पड़ा है। आलू की फसल दागी होने और उसकी खोदाई कम से कम 20-25 दिन लेट होने की आशंका है। यदि बादल छाए रहे, तो खेतों की मिट्टी सूखेगी नहीं और आलू सड़ जाएगा। इकदिल के किसान कट्टर सिंह का कहना है कि तेज बारिश से आलू की फसल को नुकसान होगा। आलू की बेल खराब होने का डर और गुला जैसी बीमारी होने से बेल सड़ जाएगी।
उधर बकेवर, लखना, महेवा, अहेरीपुर क्षेत्र में बेमौसम बारिश से किसान चिंतित हैं। किसान ध्रुव सिंह कुशवाहा ने कहा कि यह बारिश आलू की फसल के लिए नुकसानदेह साबित होगी। कृषि विशेषज्ञ चंद्र शेखर बताते हैं कि किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों ने बताई पीड़ा
कोकावली के देवेंद्र उपाध्याय ने कहा कि उनकी सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। भारी बरसात के संग तेज हवा से फूल झड़ गए हैं।
अंडावली के संतोष ने बताया कि आलू, गेहूं की फसलों को नुकसान हुआ है। खेत में पानी भर चुका है। कड़क धूप निकल आई तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी। लागत भी निकालना मुश्किल होगा।
चकसलेमपुर के ज्ञानेंद्र ने बताया की इन दिनों उनके खेतों में टमाटर, गोभी, पत्ता गोभी, बैगन, मेथी की फसल है। बारिश होने से खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में टमाटर की बेलें जमींदोज हो गई हैं।
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कस्बे के नंदकिशोर ने बताया कि उनकी आलू की फसल में पानी भर गया है। अगर मौसम ऐसे ही बना रहा तो फसल खराब हो जाएगी। आलू का रंग भी बदल जाएगा।
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