दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर कौशांबी जिले में सोमवार की दोपहर मुरी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद थमी ट्रेनों की रफ्तार ने मंगलवार को भी तेजी नहीं पकड़ी। ट्रेनों की लेटलतीफी से दिनभर यात्री परेशान हुए। बड़ी संख्या में यात्रियों ने मंगलवार की दोपहर तक आरक्षण और साधारण टिकट निरस्त कराए।
इससे रेलवे को 71 हजार रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। उम्मीद है कि बुधवार को ट्रेन यातायात सामान्य हो जाएगा। सोमवार की दोपहर कौशांबी जिले में मुरी एक्सप्रेस के दस डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इससे दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया था।
राजधानी एक्सप्रेस सहित कई प्रमुख ट्रेनें इटावा सहित जिले के अन्य स्टेशनों पर घंटों खड़ी रहीं। मंगलवार को भी ट्रेन यातायात में सुधार नहीं हुआ। यात्री दिनभर परेशानियों से जूझे। यात्रियों को पूछताछ विंडो पर रेलवे कर्मचारी सटीक जानकारी भी नहीं दे पाए।
ट्रेनों की लेटलतीफी से आजिज आकर मंगलवार की शाम तक 120 यात्रियों ने आरक्षण टिकट निरस्त करा दिए। आरक्षण टिकट निरस्त होने से रेलवे को 49,305 हजार रुपये का नुकसान हुआ। 150 साधारण टिकट भी यात्रियों ने वापस किए, जिससे रेलवे को 22,332 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
मंगलवार की शाम तक रेलवे को कुल 71,637 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। मुरी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण मंगलवार को भी कई प्रमुख ट्रेनें देरी से पहुंची। डाउन महानंदा एक्सप्रेस निरस्त रही तो सोमवार को आने वाली अप कालका एक्सप्रेस 22 घंटे बाद पहुंची।
डाउन नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस 11 घंटे, डाउन नीलांचल एक्सप्रेस चार घंटे तथा अप पैसेंजर तीन घंटा देर से आई। अप में सोमवार को आने वाली नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस 20 घंटा बाद पहुंची। अप में आने वाली पूर्वा और मगध एक्सप्रेस के बारे में स्थानीय स्तर पर रेलवे अफसरों को कोई जानकारी नहीं थी।
स्थानीय रेलवे अफसरों की मानें तो मुरी एक्सप्रेस के एक साथ दस डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण अप और डाउन ट्रेन भी क्षतिग्रस्त हो गया था। ट्रेन के डिब्बों को हटाने के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा है। स्टेशन अधीक्षक आरके त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार की सुबह तक यातायात सामान्य हो जाएगा।