इटावा। रेलवे स्टेशन पर पूछताछ केंद्र के माइक से डिंपल यादव जिंदाबाद के नारे लगाए जाने के मामले में अधिकारियों ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए टिकट परीक्षक पर आरोप मढ़ कार्रवाई कर दी। ड्यूटी पर मौजूद रहे टिकट परीक्षक मंशा मुंडा को पूछताछ केंद्र का दरवाजा बंद न रखने और लापरवाही में निलंबित किया गया है। जबकि वह जिस कमरे में बैठते थे, उसके दरवाजे में कुंडी तक नहीं है। ऐसे में रात में कोई भी अंदर घुस सकता है।
अधिकारियों ने दरवाजे को ठीक करने के लिए मंगलवार को कर्मचारी लगा दिया। भले ही रेलवे अधिकारियों ने टिकट परीक्षक को निलंबित कर दिया हो, लेकिन लापरवाही की आंच और लोगों पर भी गिरने की आशंका है। जांच अभी चल रही है।
दूसरी ओर जीआरपी थाना के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें कुछ सेेकेंड के वीडियो मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी। एनसीआर मेंस यूनियन के जिन कार्यकर्ताओं पर आरोप लग रहा है वह घटना के बाद तीन दिवसीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए पुरी गए हैं। अधिवेशन एक दिसंबर तक चलेगा। लौटने के बाद ही उनकी तलाश की जाएगी।