जसवंतनगर रेलवे स्टेशन पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का इंजन
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हावड़ा- दिल्ली रेलमार्ग पर मंगलवार रात करीब 100 किलोमीटर की दूरी में ही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की दो बार कपलिंग टूट गई। पहले कंचौसी स्टेशन और फिर जसवंत नगर स्टेशन के पास ट्रेन की बोगियां दो हिस्से में बंट गईं। इससे ट्रेन करीब साढ़े छह घंटे तक खड़ी रही। दो बार ट्रेन की बोगियों के दो हिस्से में बंट जाने से यात्री दहशत में रहे। संयोग से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुरी से नई दिल्ली जा रही 12801 अप पुरषोत्तम एक्सप्रेस मंगलवार देर रात 12 बजकर 10 मिनट पर झींझक को क्रास कर कंचौसी स्टेशन के पास पहुंची थी कि कपलिंग टूट गई। इससे बोगियां वहीं रह गईं । इंजन दो बोगियों के साथ कंचौसी स्टेश से 12 बजकर 15 मिनट पर क्रास हुआ। यह देख स्टेशन मास्टर ने मामले को भांपते हुए तुरंत ही वायरलेस से ड्राइवर को जानकारी दी। साथ ही अप ट्रैक की ओएचई को ट्रिप कर इंजन को रोका गया। इसके बाद टेक्नीकल टीम बुलाई गई। टीम ने स्टेशन पर खड़े मालगाड़ी का इंजन जोड़कर ट्रेन को रात दो बजकर 13 मिनट पर रवाना किया। यह ट्रेन रफ्तार पकड़ी ही थी कि दो बजकर 58 मिनट पर जसवंतनगर स्टेशन को क्रास कर खम्बा नंबर 1173/15 के पास पहुंचते ही एक बार फिर से इंजन की कपलिंग टूट गई और बोगियों को स्टेशन के पास ही छोड़कर इंजन आगे दौड़ गया। स्टेशन मास्टर ने तुरंत ड्राइवर को सूचना देकर रोका। कुछ ही समय में दो बार हुुई कपलिंग टूटने की घटना से रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तमाम यात्री भी नीचे उतर गए। यात्रियों के चेहरे पर दहशत साफ दिख रही है। मौके पर पहुंची रेलवे की टेक्नीकल टीम ने स्टेशन पर खडी जेएमयू मालगाड़ी का इंजन लगाकर सुबह सात बजकर 28 मिनट पर ट्रेन को रवाना। इस दौरान ट्रेन करीब दो घंटे तक कंचौसी व झींझक के बीच और साढ़े चार घंटे तक जसवंत नगर स्टेशन पर खड़ी रही। इस दौरान अन्य ट्रेनें लूप लाइन से गुजारी गईं। करीब सौ किलोमीटर के अंदर नान स्टाप पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की दो बार कपलिंग टूटने के बारे में रेलवे के अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे। उनका कहना था कि मंडल कार्यालय की ओर से मामले में जांच बैठा दी गई है।