एंबुलेंस एवं रजनीश की पत्नी रीमा देवी गर्भवती
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इटावा के बसरेहर ब्लॉक के उनवा संतोषपुर गांव से निकली मुख्य सड़क पर नाले की पुलिया धंसी होने से एंबुलेंस फंस गई। संकरी सड़क पर एंबुलेंस घुमाने में काफी दिक्कत हुई। इसके बाद करीब 16 किलोमीटर का चक्कर लगाकर एंबुलेंस अस्पताल पहुंची जबकि सीधा रास्ता सिर्फ छह किलोमीटर ही है। इस दौरान करीब घंटा भर गर्भवती तड़पती रही। घटना शुक्रवार सुबह की है।
अस्पताल में शनिवार सुुुबह महिला ने बेटे को जन्म दिया, दोनों स्वस्थ हैं। उनवा संतोषपुर गांव निवासी रजनीश की पत्नी रीमा देवी गर्भवती थी। शुक्रवार सुबह उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवार के लोगों ने सुबह करीब 9:30 बजे 102 नंबर पर एंबुलेंस के लिए फोन किया। कुछ देर में एंबुलेंस सीएचसी बसरेहर से रजनीश के घर पहुंच गई।
मरीज को लेने के बाद चालक दूसरे रास्ते से एंबुलेंस ले जाने लगा। करीब दो किमी आगे प्राथमिक स्कूल के पास नाले की पुलिया पर सड़क धंसी होने से एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पाई। लोगों ने एंबुलेंस निकलवाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान करीब एक घंटा लग गया। एंबुलेंस में गर्भवती प्रसव पीड़ा से छटपटाती रही।
संकरा रास्ता होने से एंबुलेंस घुमाने में भी दिक्कत हुई। इसके बाद एंबुलेंस संतोषपुर, चौपला बंबा, चौपला, इटावा-बरेली हाईवे होते हुए करीब 16 किलोमीटर का चक्कर लगाकर सीएचसी पहुंची। जिस रास्ते पर पुलिया धंसी है, वहां से सीएचसी महज छह किलोमीटर दूर है। चक्कर लगाकर अस्पताल पहुंचने में करीब सवा घंटा लग गया।
एंबुलेंस चालक ललित कुमार ने बताया गांव का रास्ता पता नहीं था। मरीज लेने के बाद लोगों ने कहा कि सीधे रास्ते निकल जाओ, इससे स्कूल वाले रास्ते से गए थे। आशा मंजू देवी ने बताया कि सुबह करीब 9:55 बजे रीमा ने बच्चे को जन्म दिया। ग्राम प्रधान दिलीप कुमार ने बताया कि करीब चार महीने से नाले की पुलिया धंसी है। इससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता मोहम्मद अख्तर ने बताया कि सड़क खराब होने की सूचना नहीं है, जानकारी कर जल्द ही समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।