ग्राम पंचायतों एवं शहरों से जनसेवा केंद्र संचालकों ने गूगल मीट के माध्यम से सरकार से अपनी आमदनी बढ़ाने की मांग पर चर्चा की।
मीटिंग की अध्यक्षता जनपद में कार्य कर रहे जनसेवा केंद्र संगठन के अध्यक्ष राजेश द्विवेदी ने की।
इटावा जनपद में सीएससी 3.0 ई डिस्ट्रिक्ट परियोजना लागू होने जा रही है। इसके संबंध में चर्चा हुई। समस्त ग्राम पंचायतों के संचालकों ने सुझाव दिए कि इस परियोजना में सरकार ने सरकारी प्रमाण पत्रों का शुल्क 30 रुपये तय कर दी है जो कि बहुत कम है।
सरकार को जन सेवा केंद्र संचालकों की आय में वृद्धि पर भी विचार करना चाहिए। इस ऑनलाइन मीटिंग में जसवंतनगर से आराध्य जैन ने भी अपना सुझाव दिया कि जन सेवा केंद्र संचालक वीएलई केंद्र एवं राज्य सरकार की समस्त सरकारी योजनाओं से संबंधित सभी सरकारी प्रमाण पत्रों का ऑनलाइन फीडिंग करता है।
जिसके बदले में सरकार उसको कमीशन के तौर पर बहुत ही कम राशि देती है। जनपद में सीएससी 3.0 परियोजना लागू होते ही सरकारी शुल्क 30 कर दिया गया है। परंतु सरकार को इस राशि में वीएलई को कमीशन ज्यादा से ज्यादा देना चाहिए।
सोसाइटी के सचिव मनोज सिंह कुशवाहा ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं को सफल बनाने में जन सेवा केंद्र संचालक की बहुत बड़ी भूमिका रहती है। जन सेवा केंद्र संचालक बहुत कम रुपये में सरकार की समस्त योजनाओं से संबंधित प्रमाण पत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन करता है।
इसलिए केंद्र संचालकों कमीशन अधिक मिलना चाहिए। ऑनलाइन मीटिंग में अमित शाक्य, अमित कुमार, योगेंद्र प्रताप, शिवम पाल, राघव, ऋषि पाल, कयूम खान, आदि जन सेवा से संचालकों ने भाग लिया।