इटावा। नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार के खिलाफ सभासदों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कार्यमुक्त होने के बाद भी सहायक अभियंता की ओर एक साल तक निविदाओं को फाइनल कराने और लाखों रुपये के भुगतान के मामले में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। शिकायत नगर विकास मंत्री एके शर्मा और सीएम योगी को भेजी गई। साथ ही कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
नगरपालिका में 12 सभासदों ने बताया कि 23 जुलाई 2021 को कार्यमुक्त होने के बाद सहायक अभियंता ने अधिकारियों के सहयोग से पालिका के करोड़ों के टेंडर चहेतों के फर्मों को दिए। सभासद विकास तोमर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 18 लाख रुपये से मैनपुरी रेलवे अंडरब्रिज, आईटी चौराहा और ओवरब्रिज में वॉल पेंटिंग पर खर्च किए गए। बरसात से पहले यह काम जल्दबाजी में करवाया गया।
नगर पालिका ने फर्म को वर्क आर्डर दे दिया, जबकि नियम के अनुसार 10 लाख से अधिक का टेंडर जैम पोर्टल के माध्यम से करवाया जाता है। एक ही काम को छोटे-छोटे भागों में बांटकर वर्क आर्डर पर काम कराया गया। इतना ही नहीं नगर पालिका के जल कल विभाग में पाइप, बिजली केबल सहित काफी सामग्री की खरीद स्टोर से नहीं कराई गई। टुकड़ों में खरीद करवाई गई। कितना सामान आया और कहां कितना इस्तेमाल हुआ इसकी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि 71 लाख का बोरिंग का टेंडर भी चहेतों को दिया गया।
शांति कालोनी सभासद उमेश यादव ने बताया कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महीने पहले सभासदों ने धरना दिया था। सड़कों और नाला नाली की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कमीशन खोरी हो रही है। हरीशंकर गुप्ता ने बताया कि जनहित के कोई काम नहीं हो रहे हैं।
अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि सभासदों के जो भी आरोप हैं, उनकी जांच करा ली जाएगी। सहायक अभियंता मुंशीलाल को चेयरमैन ने कार्यमुक्त कर दिया है।