इटावा। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति ने शुक्रवार को कृषि विधेयक के खिलाफ नई मंडी में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से झड़प हो गई। एसडीएम सदर, एसपी सिटी के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। ताखा तहसील में पुतला दहन को लेकर पुलिस व प्रदर्शनकारियों में तनातनी हुई।
इसके अलावा इस विधेयक के विरोध में जिले में कई जगह पुतला दहन, रास्ता रोको व प्रदर्शन हुए। प्रतिरोध को माकपा, कांग्रेस, किसान यूनियन का भी समर्थन मिला। राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर बिलों पर हस्ताक्षर न कर संसद को पुनर्विचार के लिए लौटाने की अपील की गई।
उप्र किसान के महामंत्री मुकुट सिंह ने इसे काले कानून की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि इनसे खेती किसानी, मंडियां, समर्थन मूल्य, सरकारी खरीद, देश की खाद्यान्न सुरक्षा का सर्वनाश हो जाएगा। ठेका खेती की आड़ में खेती को कारपोरेट के हवाले कर दिया जाएगा। जमाखेारी, कालाबाजारी, महंगाई से देश के सामने खाने का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रधानमंत्री के आश्वासन कोरे और झूठे हैं। इस पर किसानों को भरोसा नहीं है। अब सड़कों पर संयुक्त आंदोलन ही एक मात्र रास्ता बचा है। अध्यक्षता नई मंडी के संरक्षक शिवनाथ सिंह यादव ने की। इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह यादव, मंडी कर्मचारी कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव नाथ सिंह यादव, किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजीव, मंत्री संजेश कुमार, सीटू नेता अमर सिंह शाक्य, माकपा नेता प्रेमशंकर यादव, व्यापार मंडल के महामंत्री सतीश यादव, ओविंद, रमेश यादव, पल्लव दुबे, राशिद खान, आरपी सिंह पाल, शोषण मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक अटल बिहारी, संतोष राजपूत, इंद्रपाल सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
संचालन किसान सभा के जिलामंत्री संतोष शाक्य ने किया। एसडीएम सदर, अतिरिक्त एसडीएम नंदलाल मौर्य, एसपी सिटी, सीओ सिटी ने पुलिस काफिले के साथ नई मंडी आकर ज्ञापन लिया।