इटावा। ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी इटावा की नई मंडी और जसवंतनगर की मंडी में दुकानें बंद रहीं। बंदी 26 सितंबर तक चलेगी।
नई मंडी के आढ़त संघ के महामंत्री सतीश आढ़ती ने बताया कि मंडी में लगभग 1000 से ज्यादा दुकानें हैं। एक दुकान पर इस समय सीजन न होने पर भी एक दुकान पर 4 से 5 पल्लेदार काम कर रहे थे। इस दौरान उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल ने पदाधिकारियों के साथ मंडी पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने सूचना सचिव, कृषि उत्पादन मंडी समिति इटावा को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष अनंत प्रताप अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश में लगने वाली मंडी शुल्क को समाप्त कर दिया है, लेकिन प्रदेश सरकार ने मंडियों के अंदर आने वाले किसान के माल पर 2.5 प्रतिशत शुल्क को समाप्त नहीं किया है। ऐसी स्थिति मे मंडियों के अंदर व्यापार करना संभव नहीं हो पा रहा है। कहा कि मंडियों के बाहर मंडी शुल्क माफ और मंडियों के अंदर 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क के इस दोहरे मापदंड के विरोध मे उप्र उद्योग व्यापार मंडल ने मंडियों के अंदर व बाहर एक नियम लागू रखने के लिए प्रदेश की सभी मंडियों को विरोध स्वरूप 2 से 26 सितंबर तक बंद रखने का निर्णय लिया। मांग की कि उसकी जगह पांच रुपये प्रति क्विंटल मंडी शुल्क लागू किया जाए। बताया व्यापार मंडल 24 सितंबर को सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री को 12 बजे मंडी कार्यालय पर ज्ञापन पर देंगे। इस दौरान सदाशिव श्रीवास्तव, गोविंद दुबे, शिवनाथ सिंह यादव, अरविंद यादव, सुधीर यादव, फेरन सिंह यादव, राजीव यादव, सुरेश यादव, सुनील राजपूत, पप्पन गुप्ता, टेनी लाला, अन्नू वर्मा, सुशील महेश्वरी, विनोद महेश्वरी, विशाल गुप्ता, आशीष गुप्ता, आनंद वर्मा आदि ने प्रदर्शन में शामिल होकर बंदी को सफल बनाया।
जसवंतनगर संवाद न्यूज के अनुसार नवीन मंडी में व्यापारियों ने हड़ताल को सफल बनाया। इस वजह से किसानों को अपनी उपज की बिक्री न होने पर वापस ले जाना पड़ा। व्यापारियों ने कल ही रविवार को ही छह दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था।