अपनी भव्यता के लिए विख्यात इटावा हिंदी सेवा निधि के 24 वें सारस्वत समारोह में विविध क्षेत्रों में हिंदी भाषा के सेवारत 16 वाणी पुत्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के न आने पर समारोह अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने बतौर मुख्य अतिथि निधि का सर्वोच्च न्यायमूर्ति प्रेमशंकर गुप्त जनवाणी सम्मान व अन्य अलंकरण प्रदान किए। इस बार जनवाणी सम्मान से मूर्धन्य विद्वान एवं ख्यातिलब्ध प्रोफेसर सूर्यप्रसाद दीक्षित को नवाजा गया।
हर वर्ष की तरह इस्लामियां इंटर कालेज के प्रांगण में कार्यक्रम का आयोजन चिर परिचित भव्यता को समेटे हुए रहा। निधि के संस्थापक हिंदी प्रेमी न्यायमूर्ति प्रेमशंकर गुप्त की विशाल तस्वीर मंच की शोभा बढ़ाती रही।
मुख्य अतिथि श्री भूषण, समारोह अध्यक्ष भारतीय पुलिस सेवा के पुरस्कृत अधिकारी विभूति नारायण राय आदि के द्वारा दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। निधि के महासचिव इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार गुप्ता ने आमंत्रित अतिथियों एवं सम्मानित होने वाले हिंदी मनीषियों का परिचय कराया। संचालक डॉ. कुश चतुर्वेदी ने मुख्य अतिथि राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का कार्यक्रम में शामिल न हो पाने की जानकारी देते हुए उनकी वीडियो क्लिप भी सुनवाई। जिसमें श्री त्रिपाठी ने कहा कि वह कोलकाता के एक दीक्षांत समारोह में शामिल होने की वजह से नहीं आ पाए।
सेवा निधि के इस कार्यक्रम में जनवाणी सम्मान के अलावा न्यायमूर्ति प्रेमशंकर गुप्त प्रवासी भारतीय हिंदी सेवा सम्मान लंदन निवासी हिंदी साहित्य साधक 77 वर्षीय कृष्ण बिहारी लाल सक्सेना को, गंग-देव सम्मान इटावा जिले के लवेदी गांव निवासी डॉ. स्नेहलता पाठक को, श्रीमती कुमुद भूषण विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान मुंबई से हिंदी सिनेमा एवं रेडियो के मशहूर एंकर हरीश भिमाणी को, डॉ. दुखनराम विज्ञान-चिकित्सा हिंदी सेवा सम्मान मशहूर उर्दू शायर गौहर रजा को, सेठ गोविंददास शासन-प्रशासन हिंदी सेवा सम्मान उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के मुख्य मालभाड़ा परिवहन प्रबंधक शैलेंद्र कपिल को, न्यायमूर्ति रामभूषण मेहरोत्रा स्मृति हिंदी सेवा सम्मान न्यायमूर्ति बच्चू लाल को, श्री श्यामनाथ कक्कड़ हिंदी विधि सेवा सम्मान इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता महेश चंद्र जोशी को, श्रीमती सावित्री देवी गुप्त स्मृति हिंदी सेवा सम्मान दिल्ली विश्व विद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर एवं समीक्षक डॉ. रचना विमल को और श्री अमृतलाल नागर जन्मशती वर्ष सम्मान सेवानिवृत्त वाणिज्यकर अधिकरण सदस्य विनोद कुमार सिन्हा को प्रदान किया गया।
इस मौके पर कई हिंदी विभूतियों को अलंकृत भी किया गया। जिनमें भीमसेन शर्मा-गुलाबराय अलंकरण इटावा के शिवशंकर लाल मिश्र को, बेदम वारसी निसार सीमावी अलंकरण डा. मिथिलेश कुमारी मिश्र को, श्रीमन्नारायण रत्नाकर शास्त्री अलंकरण सुदामा लाल पाल को, शिशु बल्लभ अलंकरण रामबाबू रस्तोगी को, शिवदत्त चतुर्वेदी प्रह्लाद यदुवंशी अलंकरण डॉ. श्रीमती स्वाति जैन को और विश्वनाथ भटेले-शेख अतहर हुसैन अलंकरण जिले के नामवर शायर नदीम अहमद नदीम को दिया गया।
इस दौरान डॉ. कुश चतुर्वेदी द्वारा संपादित नारी उत्थान पुरानी नींव नया निर्माण पुस्तक का विमोचन भी हुआ। अंत में महासचिव प्रदीप कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि आदि को प्रतीक चिंह भेंट किए। कार्यक्रम में जिला जज राजीव गोयल, डीएम शमीम अहमद, एएसपी रामकिशन यादव, निधि के पदाधिकारी अधिवक्ता राजकुमार गुप्ता, सईद नकवी, पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद, प्रधानाचार्य मोहम्मद तारिक आदि गणमान्य व हिंदी सुधी जन मौजूद रहे।