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एक वार्ड को दस स्ट्रीट लाइट, कैसे रोशन हों गलियां

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इटावा। नगर पालिका परिषद में शहर के 40 वार्डों के लिए आईं 500 स्ट्रीट रोड लाइटों को लेकर खींचतान मची है। हर सभासद को दस-दस लाइट दी गईं हैं। इसे नाकाफी बताते हुए सभासद 30 से 40 स्ट्रीट लाइटों की दरकार बता रहे हैं। पालिका के पास इतने संसाधन नहीं है कि अतिरिक्त बोझ उठाया जा सके।
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नगर पालिका परिषद की बैठक में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार के लिए लाइटें खरीदने का प्रस्ताव पास हुआ था। इस आधार पर पालिका ने 45 वाट की 500 एलईडी स्ट्रीट रोड लाइटें खरीदी। नगर के 40 वार्डों के हिसाब से प्रत्येक वार्ड में 10-10 लाइटें देने का आदेश दिया गया है। शेष लाइटों को चेयरमैन और ईओ ने जन शिकायतों के निस्तारण के लिए सुरक्षित कर लिया है। जैसे ही सभासदों को मालूम पड़ा कि उन्हें सिर्फ 10-10 लाइटें ही मिल रहीं है। वे नाराजगी जाहिर करने लगे। सभासदों का कहना है कि हर वार्ड में पहले सेे लगी चार-पांच लाइटें खराब हैं। आधी तो इन्हें बदलने में चली जाएंगी। अब 4-5 लाइटें वे कहां लगवाएंगे। चार-पांच लाइटों से पूरे मोहल्ले को रोशन करने के लिए नाकाफी साबित हो रहीं हैं। अब जहां लाइट नहीं लगेगी वहां की जनता उनसे नाराज हो जाएगी। जनता की नाराजगी सभासदों को परेशान कर रही है। अजीत नगर वार्ड के सभासद प्रतिनिधि सुनील अंबेडकर ने कहा कि एक वार्ड को कम से कम 40-50 लाइटों की जरूरत है। इतनी कम संख्या में लाइटों से कुछ होने वाला नहीं है। इससे तो सभासदों का मोहल्ले में ही विरोध होने लगेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को इसके लिए अतिरिक्त बजट जुटाकर शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को चाक चौबंद बनाना चाहिए।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि पालिका ने अपने बजट के अनुसार 500 स्ट्रीट रोड लाइटों की खरीद की है। सभी 40 वार्डों में समान रूप से लाइटें उपलब्ध कराई गई हैं। सभासदों के प्रस्ताव के आधार पर मोहल्ले में लाइटेें लगवाई जा रहीं है। स्ट्रीट लाइट का बिजली बिल सालाना 55 लाख रुपये पालिका को अदा करना पड़ता है। बात सिर्फ लाइटें बढ़ाने तक सीमित नहीं है। पहले हम बिजली बिल भरने के संसाधन जुटाने की सोचेंगे। बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ उठाने में फिलहाल पालिका के पास आमदनी के साधन कम हैं। सभासदों की मांग भी उचित है। अगर संसाधन मिलेंगे तो उनकी मांग जरूर पूरी की जाएगी।
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