सियालदह से नई दिल्ली जा रही नान स्टाप राजधानी को एक यात्री ने बीमारी का बहाना बनाकर बुधवार को इटावा स्टेशन पर रुकवा लिया। ट्रेन रुकते ही प्लेटफार्म पर अटेंड करने पहुंचे रेलवे डॉक्टर से वह अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर चला गया। डॉक्टर और रेलकर्मी देखते रहे। इसके बाद लौटकर मामले की जानकारी स्टेशन मास्टर व आरपीएफ को दी।
बुधवार सुबह राजधानी एक्सप्रेस ने जैसे ही कानपुर स्टेशन को पास किया तो कोच नंबर ए-1 में सवार 57 वर्षीय सुनील कुमार ने रेल मंत्री को ट्वीट करके जानकारी दी कि उसे सीने में दर्द हो रहा है और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने तुरंत ही टूंडला कंट्रोल को इटावा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर यात्री को उपचार देने के निर्देश दिए। इसके बाद इटावा स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन को रोक दिया गया और रेलवे डाक्टर बीपी पाठक अटेंडेंट के साथ मरीज को देखने के लिए पहुंचे।
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जब वह क ोच के पास पहुंचे तो वह ट्रेन से सामान लेकर प्लेटफार्म पर उतर गया। डॉक्टर ने उसे अपना परिचय देकर परेशानी बताने को कहा। इस पर वह अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर चला गया। यह सब देख डॉक्टर और अटेंडेंट भौचक्के रह गए। जब तक वह कुछ समझ पाते यात्री स्टेशन से जा चुका था।
इसके बाद डॉक्टर ने स्टेशन मास्टर को मामले की पूरी जानकारी दी। इसकी जानकारी रेल मंत्रालय को दी गई। मामले से आरपीएफ को भी अवगत कराया गया। आरपीएफ प्रभारी डीबी सिंह ने बताया कि यात्री के पास सियालदह से नई दिल्ली तक का टिकट था। उसे इटावा स्टेशन पर ही उतरना होगा। इसके लिए उसने बीमारी का बहाना बनाकर ट्रेन रुकवा ली।