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Etawah News: इलाज में लापरवाही व रेफर के खेल में प्रसूताएं गवां रहीं जान

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फोटो 4: महिला जिला अस्पताल के प्रसव कक्ष के बाहर खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
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फॉलोअप-
-महिला जिला अस्पताल में समय पर इलाज न मिलने से शिशु व मां की मौत का मामला
-महिला अस्पताल समेत सरकारी अस्पताल में पहले भी प्रसूताओं की हो चुकी हैं मौतें
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सरकारी एक तरफ सरकारी प्रसव को बढ़ाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित कर रही हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में लापरवाही व रेफर सिस्टम की लचर व्यवस्था के चलते प्रसूताएं जान गवां रही है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। ताजा मामला महिला जिला अस्पताल का सामने आया है।
यहां इलाज में लापरवाही व समय पर इलाज न मिल पाने पर जज्जा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर डॉक्टर व कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने प्रसूता के अधिक रक्तस्राव की बात कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो महिला अस्पताल समेत सरकारी अस्पताल में पहले भी प्रसूताएं लापरवाही की बलि चढ़ चुकी है।
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प्रसूताओं की जान जाने के प्रमुख कारण व चुनौतियां
सरकारी समेत निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान या बाद में होने वाले अत्यधिक रक्तस्राव मौतों का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा सबसे बड़ा टॉस्क ग्रामीण इलाकों से गर्भवती महिलाओं को सीएचसी व जिला अस्पताल समय पर पहुंचना होता है। कई बार जरा सी लेटलतीफी उनकी जान पर बन आती है।हाई-रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों में वेंटिलेटर या तत्काल सर्जरी की सुविधा न मिल पाने से भी महिलाओं की जान चली जाती है। इसके अलावा प्रसूताओं में खून की कमी एक बड़ी समस्या है, जिससे प्रसव के दौरान जटिलताएं बढ़ जाती हैं।
कुछ एक मामलों पर एक नजर
-छह फरवरी को जिला महिला अस्पताल में बसरेहर के सिरसा मालती देवी की प्रसव के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर ऑपरेशन न होने और डॉक्टरों की लापरवाही से महिला और नवजात दोनों की जान गई।

-जनवरी 2023 सीएचसी महेवा में एक निजी मैटरनिटी सेंटर से गंभीर हालत में रेफर की गई प्रसूता दीप्ति दुबे को सीएचसी महेवा लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले में रेफरल सिस्टम की खामियां सामने आईं।
-फरवरी 2022 में जिला अस्पताल में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ गई तो उसे महिला जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां लाने पर डॉक्टरों ने प्रसूता को मृत घोषित कर दिया था।
-अक्तूबर 2021 में जिला महिला अस्पताल प्रसव के बाद शालिनी नाम की महिला के नवजात की मृत्यु और प्रसूता की हालत बिगड़ने पर वार्ड बॉय की लापरवाही के आरोप लगे थे।
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वर्जन-
महिला जिला अस्पताल में मां व शिशु की मौत के मामले में प्रसूता के अधिक रक्तस्राव की वजह से उसकी जान चली गई थी। अगर पति शिकायत करता है तो इस मामले की जांच करवाई जाएगी, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।-डॉ. बीके सिंह, सीएमओ।
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