स्टेट बैंक मुख्य शाखा का घेराव करते माकपा कार्यकर्ता।
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नोट बंदी के विरोध में सोमवार को किसानों, मजदूरों और माकपा कार्यकर्ताओं ने माकपा जिला कार्यालय से प्रतिरोध मार्च निकाला। शहर के विभिन्न बाजारों से गुजरकर शास्त्री चौराहा पहुंचे लोगाें ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा का घेराव कर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी का ये फरमान नष्ट करेंगे हिंदुस्तान, दो हजार का नोट चलाया काले धन को और बढ़ाया जैसे नारे लगाए।
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर हुई सभा में माकपा राज्य मंत्रिपरिषद सदस्य मुकुट सिंह ने कहा कि नोट बंदी ने देश के सामने विकराल संकट खड़ा कर दिया है। ये बिना तैयारियों के उठाया गया तुगलकी कदम है। ग्रामीण इलाकों में संकट ज्यादा है। लोग दवा, खाद-बीज, राशन-पानी नहीं खरीद पा रहे हैं। लाखों मजदूर बेकारी और भुखमरी के शिकार हैं। किसान सभा के राज्य समिति सदस्य रामप्रकाश गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार विजय माल्या, ललित मोदी जैसे बड़े आर्थिक बकायेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। माकपा जिलामंत्री अमर सिंह शाक्य ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक 500-1000 के नोट चलन में रखे जाएं। ताकि जनता राहत की सांस ले सके। जनवादी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष छविमोहन शुक्ला और जिलामंत्री नरेंद्रशाक्य ने कहा कि केंद्र सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी वादा पूरा होता होता नहीं दिख रहा है। सभा को किसानसभा जिलामंत्री संतोष शाक्य, अनिल दीक्षित, विशंभरनाथ वर्मा, विवेक यादव, संतोष राजपूत, शिवराम सिंह यादव आदि ने भी संबोधित किया।