इटावा। बारिश ने शहर की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। शुक्रवार रात से शनिवार तक आधे से ज्यादा शहर बिजली संकट से जूझता रहा। कहीं पेड़ और डालियां तारों पर गिरने से लाइनें ठप हो गईं तो कहीं 33 केवी लाइन के केबल बॉक्स क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बंद हो गई। लगातार बारिश के कारण फॉल्ट तलाशने और मरम्मत करने में भी बाधा आई। हालात यह रहे कि कई इलाकों में लोग पूरी रात अंधेरे में रहे और सुबह बिजली के साथ पानी के लिए भी तरस गए।
शनिवार को अंबेडकर चौराहे के पास तेज हवा और बारिश में पेड़ गिरने से 33 केवी लाइन का केबल बॉक्स क्षतिग्रस्त हो गया। इससे काफी देर तक आपूर्ति बंद रही। शुक्रवार रात आईटीआई के पास भी केबल बॉक्स फट गया। इसके चलते सिविल लाइन, आवास विकास कॉलोनी, मोतीझील और चौगुर्जी की बिजली गुल हो गई। रात में कुछ देर बिजली आई, लेकिन सुबह फिर चली गई। दोपहर बाद ही आपूर्ति बहाल हो सकी।
शहर के पूर्वी छोर स्थित एकता कॉलोनी में शुक्रवार शाम पांच बजे बिजली गई तो पूरी रात नहीं आई। इन्वर्टर भी बंद हो गए। सुबह बिजली न होने से पानी नहीं आया। शनिवार दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन कुछ देर बाद फिर बिजली चली गई। रामलीला बिजलीघर से जुड़े क्षेत्रों में भी शुक्रवार शाम से बिजली संकट रहा। शाम चार बजे तक कटौती के बाद बिजली आई, लेकिन शाम होते ही फिर गुल हो गई। शनिवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
गुरु तेग बहादुर बिजलीघर क्षेत्र में केबल बॉक्स खराब होने से पूरी रात बिजली नहीं आई। शनिवार दोपहर दो हाइड्रा की मदद से 33 केवी केबल बॉक्स ऊपर चढ़ाकर लगाया गया, जिसके बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। कालीबांह मंदिर और कृषि इंजीनियरिंग क्षेत्र के बिजलीघर में तकनीकी खराबी के कारण रातभर बिजली संकट रहा। यहां लोगों को महज दो-तीन घंटे ही आपूर्ति मिल सकी। सुंदरपुर और कुनैरा बिजलीघर से जुड़े इलाकों में भी रातभर बिजली नहीं आई।
वर्ज़न
लगातार बारिश और तेज हवाओं से कई जगह पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त रहीं। इससे शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की बिजली बाधित रही। बारिश के बीच बिजली कर्मी लगातार काम करते रहे, इसके कारण शहर की बिजली आपूर्ति तो शाम तक बहाल हो गई। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह जलभराव होने से काम करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता
फोटो: 31 बकेवर में बीच सड़क पर गिरे बिजली के तार हटाते बिजली कर्मी। संवाद