बकेवर। पिछले दिनों हुई बेमौसम से बढ़ी किसानों की चिंताएं दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोहरे के बाद निकलने वाली तेज धूप से आलू की फसल में परपरा (पत्तियां झुलसना) रोग लगना शुरू हो गया है, जिसे बचाने के लिए आलू उत्पादक किसान आलू में दवाओं का लगातार छिड़काव करने में जुटे हैं।
कोहरे की मार ने आलू की फसल पर भी नुकसान की आशंका बढ़ा दी है। लगातार से 20 दिन तक पड़ने वाले कोहरे की वजह से आलू किसानों को दवा का छिड़काव कर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
ब्लाक महेवा के बकेवर, लखना में किसान आलू फसल की बुवाई करते हैं। जनपद में तकरीबन 20 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल बोई गई है।
इस बार आलू की फसल काफी अच्छी पैदावार होने की उम्मीद नजर आ रही थी, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश और कोहरे के चलते आलू की फसल में नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, आलू की फसल अंतिम चरण में है। कुछ खेतों में 90 दिन से ऊपर की फसल हो गई है। कुछ में 70 से 80 और 90 दिन के बीच की है।
जिन खेतों में फसल 70 से 90 दिन के बीच की है, उन फसलों में नुकसान होने से उन खेतों में परपरा रोग लगने से अधिक नुकसान होगा, लेकिन जिन खेतों में फसल 90 दिन के ऊपर की हो रही है, उन खेतों में रोग का असर कम पड़ सकता है।
हालांकि, अभी बहुत संख्या में आलू की फसल में रोग नहीं आया है।
इस समय कोहरे के बाद तेज धूप निकलने से आलू की फसल में परपरा रोग आने की अधिक आशंका है। बचाव के लिए किसान दवा का छिड़काव आलू की फसल में अवश्य करें।
- डॉ. एके पांडेय, विभागाध्यक्ष, उद्यान विभाग, जनता कालेज बकेवर
बारिश से गेहूं की फसल पड़ी पीली
चकरनगर। पिछले दिनों हुई बरसात से गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी है। किसानों का कहना है मौसम अनुकूल न होने से 30 से 40 दिन की फसल में खरपतवार नाशक दवाई भी समय से नहीं डाल सके।
बरसात का पानी कई दिनों तक खेतों में भरे होने से गेहूं की ज्यादातर फसल पीली पड़ रही है, रोकथाम के लिए उपाय भी कर रहे हैं। बरसात से फसलों को किसी प्रकार का फायदा नहीं हुआ।
मौसम साफ होने पर गेहूं की फसल में खरपतवार नाशक दवाइयों का छिड़काव शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है फसल के साथ खरपतवार बड़ा हो गया, जिससे कीटनाशक खरपतवार नाशक दवाइयां कम असरदार होंगी।
पीली पड़ रही गेहूं फसल में यूरिया के अलावा जैविक खाद का छिड़काव करें, जिससे बरसात के कारण कमजोर हुई फसल में जल्द सुधार होगा। गेहूं का पौधा अच्छी ग्रोथ करेगा, जिससे की फसल उन्नतशील होगी।
-जी शंकर राठौर, एडीओ