फोटो संख्या 01- कोहरे की चादर से ढकी आलू की फसल
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निवाड़ीकला। शीत लहर से आलू किसानों को फसल में झुलसा रोग लगने की चिंता सताने लगी है। रोग से बचाव के लिए किसान खेतों में कीटनाशक और हल्की सिंचाई की तैयारी में हैं।
सर्दी और शीत लहर से किसान परेशान हैं। आलू उत्पादक किसानों का कहना है कि ऐसे में सबसे पहले पत्ते सिकुड़ने लगते हैं। बेल सूख जाती है। जिससे आलू का विकास रुक जाता है। ऐसे में आलू की लागत भी निकालना मुश्किल होगा।
महेवा एडीओ कृषि राजेश चौबे और टीए देवदत्त ने बताया कि शीतलहर में आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा बढ़ जाता है। झुलसा बीमारी में उत्पादन 80 से 90 फीसदी तक प्रभावित हो जाता है। झुलसा के लक्षण दिखे तो डाइथेन एम 45 , कॉपाआक्सी क्लोराइड के मिश्रण का छिड़काव करना चाहिए ।
1- नगला तुला निवासी आलू किसान अनमोलचंद्र कहते हैं कि शुक्रवार को दो एकड़ आलू की फसल में दवा का छिड़काव करवा दिया है। मौसम के हिसाब से अभी दोबारा और छिड़काव करवाना पड़ेगा ।
2- वीरपुर निवासी प्रभात तिवारी ने बताया कि पिछले दो दिनों से कोहरे ने चिंता बढ़ा दी है कल झुलसा की दवा का छिड़काव करवाएंगे । पिछले वर्ष झुलसा से काफी नुकसान हुआ था ।
फोटो संख्या 02 -प्रभात तिवारी- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 03 -अनमोल चंद्र पारा गिरने से आलू पर मंडराने लगा झुलसा रोग क़ा खतरा- फोटो : ETAWHA