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घटिया और कम साइज के स्वेटर बच्चों में बांट दिए

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ऊसराहार (इटावा)। कक्षा आठ के बच्चों को कक्षा पांच के बच्चों के नाप के स्वेटर देकर आपूर्तिकर्ताओं ने बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में जमकर खेल किया। घटिया आपूर्ति के कारण दो महीने में ही रोयें निकलने लगे। स्वेटर की सिलाई भी उधड़ने लगी है। तयशुदा मानक के विपरीत अलग-अलग रंगों के स्वेटर भी बच्चों को थमा दिए गए।
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प्राथमिक विद्यालयों में साइज 28, 30, 32 के माप के स्वेटर दिए गए तो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा पांच के छात्र को दिए गए 32 नंबर साइज के ही स्वेटर बांट दिए गए। साइज में छोटे होने के कारण यह बच्चों को छोटे हुए लेकिन अधिकारियों के दबाव में शिक्षक भी कुछ बोल नहीं सके। कहीं-कहीं तो यह स्वेटर माप में इतने छोटे थे कि उन्हें छात्र पहन तक नहीं सके। विकास खंड ताखा क्षेत्र के 117 प्राथमिक विद्यालय और 57 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग दस हजार छात्र छात्राओं को लखनऊ की एक फर्म ने स्वेटर की आपूर्ति की थी। इनमें अधिकतर विद्यार्थियों को नाप के स्वेटर नहीं मिल सके है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि फर्म का चयन जेम पोर्टल के माध्यम से हुआ था। उनके पास किसी अभिभावक ने शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
केस एक
उच्च प्राथमिक विद्यालय रंपुरा ताखा में 34 बच्चे अध्ययनरत हैं इनमें एक साइज 32 नंबर के ही स्वेटर दिए गए हैं। इनमें कक्षा 6,7, और 8 के बच्चों को एक ही साइज के स्वेटर देने से प्रियंका कक्षा सात, गोल्डी, गुंजन, काजल कक्षा आठ सहित ज्यादातर छात्र-छात्राओं के स्वेटर आधे बांह तक ही आ सके हैं।
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केस दो
उच्च प्राथमिक विद्यालय ताखा में 181 छात्र छात्राओं को स्वेटर बांटे गए हैं। इनमें तीन दर्जन से अधिक छात्र छात्राओं को स्वेटर उनके नाप से बहुत छोटे बांटे गए हैं । शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जिस साइज के स्वेटर दिए गए वैसे ही उन्होंने बांटे हैं। यहां प्रियंका, सुमन, किरन आदि छात्राओं को बेहद छोटे स्वेटर दिए गए हैं।
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