इटावा। दिवाली के बाद से बढ़ा प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक 260 होने की वजह से दिनभर धुंध छाई रही। इससे एलर्जी, दमा और सांस के मरीजों को परेशानी बढ़ गई। जिला अस्पताल में सांस लेने में आ रही दिक्कत के मरीज भी ज्यादा पहुंचे।
दो नवंबर को एक्यूआई 129 था, जो दूसरे दिन दोगुना 260 हो गया। धुंध के एकाएक बढ़ने के पीछे खेतों में चोरी-छिपे जलाई जा रही पराली को भी वजह माना जा रहा है। हालांकि गुरुवार की सुबह धुंध का असर इतना नहीं देखने को मिला, जितना दोपहर में देखने को मिला।
27 अक्तूबर से लगातार एक्यूआई बढ़ रहा है। एक नवंबर को एक्यूआई 270 दर्ज किया गया था। हालांकि धुंध नहीं छाई थी।
पराली जलाने के कारण हो सकता है प्रदूषण
जनता कॉलेज बकेवर के कृषि विभाग के कीट रोग प्रभारी डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि वातावरण में नमी आने व मौसम में परिवर्तन देखने को मिला है। मौसम को देखकर प्रतीत होता है कि जिले में कहीं पराली भी चोरी-छिपे जलाई जा रही है। इससे दिन में ही धुंध छा रही है।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. विजय कुमार बहादुर जायसवाल ने बताया कि धुंध पड़ने का कारण पराली जलाना हो सकता है। क्योंकि एक दम से इतना प्रदूषण अन्य किसी कारण से बढ़ना आसान नहीं है।
जिला अस्पताल में सांस रोगी दोगुना पहुंचे
जिला अस्पताल के डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि उन्होंने व सहयोगी मनीष कुमार ने करीब 270 मरीज देखे। इनमें वायरल, खांसी, जुकाम और सांस के मरीज थे। सांस के रोजाना 25 से 30 मरीज आते थे, जबकि गुरुवार को 50 से 60 मरीज आए। इनमें बुजुर्गों के अलावा 25 से 27 साल के युवा ज्यादा रहे। सभी ने धुंध की वजह से सांस लेने की समस्या बताई।
डॉ. शांतनु ने बताया कि सुबह की उतरती और शाम की चढ़ती सर्दी से बचने के लिए सांस रोगी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और सुबह कॉफी पीएं। मास्क लगाकर चलें। अस्थमा के मरीज इनहेलर साथ लेकर चलें। परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सीय सहायता लें। बीमार लोग बाहर निकलने से बचें।
200 एक्यूआई से ऊपर होता है स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
एक्यूआई 0-50 तक रहने पर हवा सबसे अच्छी होती है। 51 से 100 तक संतोषजनक मानी जाती है। 101 से 200 तक को खराब माना जाता है। एक्यूआई 200 से ऊपर होने की स्थिति में इससे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।
एक सप्ताह में एक्यूआई की स्थिति
27 अक्तूबर 264
28 अक्तूबर 183
29 अक्तूबर 169
30 अक्तूबर 245
31 अक्तूबर 263
01 नवंबर 270
02 नवंबर 129
03 नवंबर 260