सैफई। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) की पदयात्रा सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रही। पदयात्रा के साथ ही नुक्कड़ सभाओं का भी आयोजन किया गया। पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।
केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों और कृषि कानूनों के विरोध में प्रसपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गांवों में पदयात्रा निकाली। प्रसपा के राष्ट्रीय महासचिव व पीसीएफ के चेयरमैन आदित्य उर्फ अंकुर यादव के नेतृत्व में
जसवंतनगर विधानसभा के गांव हैवरा, बहादुरपुर, नगला राठौर, नगला अनिया, नरौहली, भिड़रुआ, नगला चतुरी, झिंगूपुर व चौबेपुर गीजा आदि गांवों में पदयात्रा के साथ ही नुक्कड़ सभाएं हुईं।
प्रसपा के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य उर्फ अंकुर यादव ने केंद्र सरकार पर कड़े प्रहार किए। कहा कि सरकार की ओर से किसान आंदोलन दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। किसान कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी का कानून बनाए जाने की मांग कर रहे हैं, जिसमें समर्थन मूल्य से कम पर फसल खरीदने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान हो। लेकिन सरकार किसानों की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। भाजपा केवल पूंजीपतियों और उद्योगपतियों की बात सुन रही है। इस मौके पर नितुल प्रताप यादव प्रधान हैवरा, चंदगीराम यादव अध्यक्ष प्रधान संघ उत्तर प्रदेश, आंनद उर्फ बबलू प्रधान झिंगूपुर, नरेश चंद्र प्रधान नरोहली, यशपाल यादव प्रधान व गिरीश पाल आदि मौजूद रहे।