इटावा। भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी उतारने की रणनीति तैयार कर ली है। चुनाव में किसे उतारना है और प्रस्तावक कौन-कौन होगा। इसका ब्लू प्रिंट भी लगभग पार्टी के नेताओं ने तैयार कर लिया है। भाजपा एक-दो दिन में अपने पत्ते खोल देगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सपा व प्रसपा गठबंधन ने जिले में 24 में 20 सीटें जीती है। इसमें 18 सपा और दो प्रसपा की है। अपनी इस जीत से सपा-प्रसपा नेता गदगद हैं। साथ ही सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अंशुल यादव का दोबारा जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। इधर, पिछले दिनों
इटावा आए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह कहा था कि जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन की तिथि का इंतजार कीजिए। इसके बाद पता चल जाएगा कि जिला पंचायत अध्यक्ष कौन और किस पार्टी का बनेगा। प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद भाजपा के स्थानीय नेता सक्रिय हो गए। माना जा रहा है कि भाजपा जिला पंचायत
अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। प्रत्याशी कौन होगा और प्रस्तावक कौन रहेगा। यह सब कुछ अंदर खाने में तय हो चुका है। एक-दो दिन में प्रत्याशी और प्रस्तावक सब सामने आ जाएंगे। इसके लिए पार्टी अपनी गोटें बिछा चुकी है। भाजजा के जिला अध्यक्ष अजय धाकरे का कहना है कि पार्टी का प्रदेश नेतृत्व जिसे भी जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित करेगी, उसे संगठन के सभी लोग मिलकर चुनाव जिताएंगे।
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुुनाव प्रक्रिया नामांकन पत्रों की बिक्री के साथ बुधवार से शुरू हो गई। पहले दिन आज केवल एक नामांकन पत्र बिका। यह नामांकन पत्र सपा के प्रत्याशी और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव अंशुल के नाम से खरीदा गया। अंशुल यादव 26 जून को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
एडीएम कोर्ट में नामांकन पत्रों की बिक्री हो रही है। हालांकि इस चुनाव में एक या दो ही नामांकन पत्र बिकने की उम्मीद है। बिक्री के अभी दो दिन और शेष हैं। अब देखना यह है कि भाजपा कीतरफ से नामांकन खरीदने के लिए कोई पहुंचता या नहीं। संवाद
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