अपराधों पर नियंत्रण के लिए जिले में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो गया है। अब वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम से पुलिसकर्मी कंट्रोल रूम को फर्जी लोकेशन नहीं दे सकेंगे। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों की निगहबानी सीसीटीवी कैमर करेंगे।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बुधवार को नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करके हाईटेक कंट्रोल रूम के बारे में जानकारी ली। यहां बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। साथ ही शहर के शास्त्री चौराहा, नौरंगाबाद चौराहा, बस स्टैंड तिराहा के साथ भरथना चौराहा पर हाई क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इनके जरिए चौराहाें पर होने वाली हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे नजर रखी जा सकती है। ये सभी कैमरे चारों ओर घूमने वाले हैं और हर एंगल से तस्वीरें सीधे कंट्रोल रूम भेज रहे हैं। इनसे वाहनों के नंबर प्लेट तक एक फीट चौड़ा कर स्क्रीन पर देखा जा सकता है।
एसएसपी ने बताया कि डायल 100 की अभी सभी लाइन चालू नहीं हो सकी हैं। अभी मात्र तीन लाइन ही चालू हैं। जल्द ही सभी लाइन चालू हो जाएगी। यहां से सूचना तत्काल डीसीआर या सिटी कंट्रोल रूम में ट्रांसफर कर दी जाती है। इसका एसएमएस संबंधित थाना प्रभारी के मोबाइल पर भेज दिया जाता है।
इससे सूचना मिलने के चंद मिनटों में ही पुलिस सक्रिय होकर निकल पड़ती है और समस्या का समाधान करके कंट्रोल रूम को अवगत करा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सरकारी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं। उनका लोकेशन भी कंट्रोल रूम में लगी स्क्रीन पर देखा जा सकता है।
अब थाना प्रभारी या फिर पुलिसकर्मी फर्जी लोकेशन नहीं दे पाएंगे। वह जिस जगह होंगे, उन्हें लोकेशन उसी जगह बताना पडे़गा। थाने में बैठकर किसी चौराहा का लोकेशन नहीं दे पाएंगे। अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का उद्घाटन शीघ्र ही कराया जाएगा।
कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पीने के पानी की समस्या की शिकायत की। इस पर एसएसपी ने आरओ सहित वाटर कूलर लगाने के निर्देश प्रतिसार निरीक्षक को दिए। एसएसपी ने बताया कि शहर में पब्लिक ग्रेवांस सिस्टम पांच जगह लगाए जा रहे हैं। यहां से जनता से सीधे बात की जा सकेगी।