इटावा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले की प्रगति के दावों के बीच कई खामियां सामने आई हैं। बैंक ऋण, स्मार्ट मीटर स्थापना और निरीक्षण से जुड़े सैकड़ों मामले लंबित हैं। इस पर सीडीओ अजय कुमार गौतम ने अधिकारियों, बैंकों और संबंधित एजेंसियों से नाराजगी व्यक्त की है।
उन्होंने सभी को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विकास भवन के प्रेरणा सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। परियोजना अधिकारी यूपीनेडा प्रिया शर्मा ने जानकारी दी। जिले को 10,611 सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य मिला था। अब तक केवल 8,671 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। जून 2026 तक 5,872 संयंत्र लगाने का लक्ष्य था। इसके मुकाबले 5,774 संयंत्र ही स्थापित हो सके हैं। इसे 98 फीसदी उपलब्धि बताया गया है। हालांकि योजना से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं में भारी सुस्ती उजागर हुई है।
बैंक ऋण के लिए भेजी गई 839 पत्रावलियां अभी भी विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। सीडीओ ने लीड बैंक मैनेजर को तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऋण स्वीकृति में देरी से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। इससे योजना की गति भी प्रभावित हो रही है। समीक्षा में सामने आया कि 273 स्मार्ट मीटर अब तक नहीं लगाए जा सके हैं। अप्रैल और मई माह के भी कई स्मार्ट मीटर लंबित हैं।
सीडीओ ने जीनस कंपनी को एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित स्मार्ट मीटर लगाने को कहा। भविष्य में संयंत्र स्थापित होते ही मीटर लगाने के निर्देश दिए गए। बिजली निगम के स्तर पर भी 171 निरीक्षण और कनेक्शन के मामले लंबित पाए गए। इनका तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। वेंडरों को बैंक ऋण स्वीकृत 317 उपभोक्ताओं के यहां तीन दिन में सोलर संयंत्र स्थापित करने को कहा गया। योजना के धीमे प्रचार-प्रसार पर भी चिंता जताई गई। सीडीओ ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार अभियान तेज करने के निर्देश दिए।