बंगाली कालोनी में झुग्गी झोपड़ियों, रिफ्यूजी क्वाटर्स में मुद्दत से रह रहे अनुसूचित जाति के पथर कटा, झाडू पोंछा, मजदूरी व रिक्शा चलाकर परिवारों का भरण पोषण करने वालों को नगर पालिका ने कालोनी खाली कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
नगर पालिका के बेदखली नोटिसों के खिलाफ कालोनी में रह रहे लोगों में आक्रोश है। इसके चलते बुधवार को कालोनी के निवासियों ने प्रभावी प्रदर्शन कर डीएम, अध्यक्ष व ईअेा नगर पालिका को ज्ञापन देकर बेदखली की कार्रवाई वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि बुलडोजर हमारी छाती के ऊपर चलाना होगा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के शहर मंत्री प्रेमशंकर यादव के नेतृत्व में बंगाली कालोनी के नागरिकों का प्रदर्शन डा. अंबेडकर चौराहे से नगर पालिका होते हुए इटावा कचहरी पहुंचा। जहां जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतिलिपि नगर पालिका अध्यक्ष तथा अधिशासी अधिकारी को दीी गई है।
माकपा राज्य मंत्रिपरिषद सदस्य मुकुट सिंह ने बंगाली कालोनी के दलितों को उजाड़ने के नगर पालिका की साजिशों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसा पहले भी कई बार करने की कोशिश की गई, लेकिन तब भी हम जीते थे और आज फिर हम गरीबों को बेघर नहीं होने देंगे। कहा कि इस बेशकीमती आवासीय भूमि पर कुछ भू-माफियाओ की नजरें हैं। उन्होंने बताया कि बंगाली कालोनी की भूमि का स्वामित्व भारत सरकार के पास है। नगर पालिका को इसके उपयोग को बदलने अथवा किसी को देने का कोई अधिकार नहीं है।
कहा कि कमजोर वर्ग के दलितों व गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है, उनके घरों को उजाड़ने की कार्रवाई की जा रही है। वे भुखमरी यहां तक की पीने के शुद्ध पानी के अभाव के शिकार है, उनकी कोई सुनवाई नहीं है। सरकारें बड़ी-बड़ी बातें तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
प्रदर्शन में माकपा जिला मंत्री अमर सिंह शाक्य, किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य, जनवादी नौजवान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज राठौर ने समर्थन का ऐलान किया। जुलूस में अनीस, अजय, फूल सिंह, रतन, अमर, संजू, रामलाल, निशा, अनिल, आदेश, बेचेलाल सहित दो दर्जन बेदखली के नोटिस प्राप्त स्त्री-पुरुषों ने भाग लिया।