ताखा के ग्राम नगला ढकाऊ में मॉडल पार्क के शुभारंभ में सूखे पौधे देख जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने नाराजगी व्यक्त की। इस मौके पर आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को और अधिक रोजगार उपलब्ध कराए जाएं।
ताखा के नगला ढकाऊ में मॉडल पार्क के उद्घाटन में आईं जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने वहां रोपे गए पौधे सूख जाने को लेकर नाराजगी जाहिर की।
मौके पर मौजूद अधिकारियों और ग्राम प्रधान से जवाब तलब किया। महिला ग्राम प्रधान के मौजूद नहीं होने पर उनके पति से आगे के कार्यक्रमों में महिला प्रधान की सहभागिता कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने गुजराती गांव में आजीविका मिशन की महिलाओं से वार्ता करके उनके कार्यों के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने पुरैला गांव जाकर महिला समूहों के कार्यों के बारे में पूछताछ की।
बारातघर में सिलाई प्रशिक्षण की महिलाओं से ड्रेस सिलाई के बारे में पूछने पर आजीविका मिशन की पदाधिकारी दीपशिखा ने बताया कि आधे से अधिक स्कूलों में ड्रेस वितरित कर दी गई है। बाकी की सिलाई की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने महिलाओं की तारीफ की।
महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए और अधिक रोजगार परक कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने सरसईनावर के वेटलेंड परिसर का निरीक्षण किया। यहां बनाए गए वाच टावर पर चढ़कर वेटलेंड परिसर की भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया।
वनविभाग के अधिकारियों को वेटलेंड परिसर में पानी की आपूर्ति और सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर, उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश, खंड विकास अधिकारी ताखा पीएन यादव, एडीओ आजीविका मिशन सुरेश सैनी, ग्राम पंचायत अधिकारी अनुज श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष सतीश यादव मौजूद रहे।
ताखा विकास खंड के गांवों के निरीक्षण में जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने ग्रामीणों से संवाद किया। अवैध अतिक्रमण, शौचालय आवास में भ्रष्टाचार और दिल्ली से आए प्रवासी मजदूरों ने तीन माह से मनरेगा मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत की।
गुजराती गांव के बलवीर ने जिलाधिकारी को बताया कि गांव के तालाब पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत एक वर्ष से कर रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश को सोमवार को शिकायत समाधान करने के निर्देश दिए। पुरैला गांव में ग्रामीणों ने शौचालयों और आवास में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत की।
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी ताखा को जांच कराने को कहा। वहीं सरसईनावर में दिल्ली से आए प्रवासी मजदूर नरेंद्र, रामदास, वैजनाथ, अवधेश, राजकुमार, रवि, दीपक नरायन आदि ने कहा कि वे सभी प्रवासी मजदूर है। उन्होंने दो से तीन माह तक मनरेगा में काम किया।
ग्राम पंचायत अधिकारी और रोजगार सेवक ने उनके खाते में मजदूरी नहीं दिलाई। अपने चहेते मजदूरों के खाते में बिना काम के ही धनराशि डालकर बंदरवांट कर ली गयी शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। वहीं सरसईनावर में भी दर्जनों लोग शिकायत लेकर पहुंचे थे लेकिन उनकी शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंच नही सकी।