फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिस्टल खोल पाए न बंद कर पाए

Fri, 01 May 2015 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस लाइन में दरोगाओं और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम की परीक्षा ली गई। परीक्षा में अधिकतर दारोगा और थानाध्यक्ष फेल हो गए। थानाध्यक्ष पिस्टल को न खोल पाए और न बंद कर पाए ।
विज्ञापन


क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम भी आटोमेटिक राइफल नहीं खोल सकी। मातहतों का यह हाल देखकर एसएसपी डा. राकेश सिंह का पारा चढ़ गया। उनकी फटकार से सभी के चेहरे लटक गए।

शुक्रवार को पुलिस लाइन में आर्मोरर नेदरी बिछाकर सभी ऑटोमेटिक, सेमीऑटोमेटिक रायफलों एवं आधुनिक पिस्टलों को करीेने से लगाया गया था। एसएसपी ने परेड में मौजूद थानाध्यक्षों, हेड कॉस्टेबलों, कॉस्टेबलों तथा क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम की बारी-बारी से असलहा खोलने और बंद करने की परीक्षा ली।
विज्ञापन


इस दौरान क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम के छह सदस्य मौजूद थे। कॉस्टेबल रविंद्र यादव ही परीक्षा में पास हुआ   जबकि  पांच कमांडो फिसड्डी निकले। इस पर एसएसपी ने फटकार लगाते हुए कहा  काली वर्दी पहनने से ही कमाडो नहीं हो जाते हैं। जिन असलहों को लेकर चल रहे उनको ही खोल और बंद नहीं कर पा रहे हैं।

इससे कमांडो टीम रहने का कोई मतलब नहीं है। एसएसपी ने सभी को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा अगले शुक्रवार को परीक्षा में फेल हुए तो बाहर कर दिए जाएंगे। जिले के थानाध्यक्ष भी परीक्षा में फिसड्डी निकले। कई थानाध्यक्ष हवा में हाथ मारते देखे गए। पिस्टल और ऑटोमेटिक रायफल नहीं खोल पाए तो मुंह लटका कर खडे़ हो गए।

इस पर एसएसपी नाराजगी जताई। उन्होेन तल्ख लहजे मेें कहा जब असलहों के बारे में जानकारी  नहीं है तो मातहतों को इसके बारे में कैसे बताएंगे। उन्होंने आर्मोरर को निर्देश दिए बारी-बारी से सभी थानाध्यक्षों को असलहों के बारे मे जानकारी दें और असलहों को खोलने और बंद करने की प्रैक्टिस कराएं। अरुण कुमार दीक्षित और क्षेत्राधिकारी हुब्बलाल मौजूद रहे।

मिर्ची बम डिमास्ट्रेशन पर भागे
पुलिस लाइन में मिर्ची बंम का डिमास्ट्रेशन किया  गया। इस दौरान कई पुलिसकर्मीं आंख मलते भागे। कई को खराश आ गई। आर्मोरर ने रबर बुलेट गन, आंसू गैस, चिली बंब का प्रयोग करने के बारे में जानकारी दी। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें