सैफई (इटावा)। एक स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होने आए पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि निकाय चुनाव में प्रदेश से गंदगी साफ हो जाएगी। अब तक जहां-जहां भाजपा के मेयर, चेयरमैन रहे हैं, वहां सबसे ज्यादा मच्छर हैं और डेंगू फैला है। जबकि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के लिए खुद झाड़ू उठाई थी। सफाई कर्मियों के पैर भी धोए, लेकिन इसका कोई असर भाजपाइयों पर नहीं दिखा।
रविवार देर शाम इटावा-मैनपुरी सीमा पर स्थित एक स्कूल में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर तंज कसा। कहा कि अभी प्रदेश सरकार ने अपनी छठी मनाई है, जबकि प्रदेश की दुर्दशा हो रही है। उन्होंने सहकारिता चुनाव को लेकर भाजपा पर हमला बोला और कहा कि इस सरकार ने लोकतंत्र को लूट लिया है। जिला पंचायतों के कामों में बड़े-बड़े घोटाले हो रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के सांसदों और विधायकों के खिलाफ अदालतों में चल रहे मामलों में दो साल से कम की सजा दी जाती है, जबकि सपा के विधायक को दो साल से अधिक की सजा देकर सदस्यता रद की जा रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सदस्यता पर कहा कि उनकी सदस्यता कांग्रेस पार्टी द्वारा बनाए गए कानून के तहत रद की गई है। अब देश में एक ही बहस छिड़ी हुई है कि दिल्ली की सरकार चलाने वाले अधिक पढ़े-लिखे हैं या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
अमेठी के आरिफ और सारस की दोस्ती को लेकर उन्होंने कहा कि एक घायल सारस का इलाज करके उससे दोस्ती करने वाले को ही प्रदेश सरकार ने नोटिस थमा दिया। अब तो कुत्ता-बिल्ली पालने वालों को भी ये सरकार नोटिस देगी। प्रदेश सरकार को झूठा बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार के मुखिया का कहना है कि प्रदेश में सिर्फ चार प्रतिशत ही बेरोजगार हैं, किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है। जबकि ऐसा नहीं हुआ, बल्कि भाजपा के राज में थाने और तहसीलों में बैठने वाले दलालों की आय जरूर दोगुनी हुई है। प्रदेश में झूठे एनकाउंटर किए जा रहे हैं।