इटावा। जिले में विदेश और दूसरे प्रदेशों से आए 4667 लोग चिह्नित हो चुके हैं। इन लोगों के साथ उनके
परिवार के लोगों की कोरोना जांच कराई होगी। इसके लिए सभी ब्लॉक में एक-एक टीम लगाई गई है। कोरोना
संदिग्ध मिलने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाएगा।
कोरोना को लेकर एहतियात बढ़ता जा रहा है। 15 फरवरी से दो दिन पहले तक 4667 लोग दूसरे देशों और प्रदेशों से जिले के नगरों व गांवों में लौटे हैं। ऐसे ही लोगों के जरिये कोरोना दूसरे देश से भारत फिर शहरों व गांवों तक पहुंचा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बाहर से आए सभी व्यक्तियों की जांच कराने का फैसला लिया है।
सीडीओ राजा गणपति आर ने बताया कि बाहर से आए लोगों की जांच के लिए सभी ब्लॉक में एक-एक टीम बना दी गई है। जांच टीमों को 16 वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। ये टीमें रविवार से गांव-गांव सत्यापन शुरू कर देंगी। बाहर से आए प्रत्येक व्यक्ति और उसके परिवार की जांच की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध मिलता है तो पूरे गांव के लोगों की जांच कर आइसोलेट किया जाएगा। सत्यापन 3-4 दिन में पूरा हो जाएगा। सत्यापन टीमों को दिन में कई बार अपडेट देने को कहा गया है। प्रशासन के पास कुछ दिन पहले का आंकड़ा है, दूसरे प्रदेशों से आए लोगों का आंकड़ा पिछले दो दिनों में छह हजार पार कर गया है। बड़ी संख्या में लोग पैदल जिले के गांवों में पहुंचे हैं।
गांवों में बनाए आइसोलेशन वार्ड
सीडीओ ने बताया कि सभी गांवों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये आइसोलेशन वार्ड पंचायत
भवनों और प्राथमिक स्कूल में बनाए जा रहे हैं। 25 ग्राम पंचायतों में आइसोलेशन वार्ड बनाए भी जा चुके हैं,
अन्य में व्यवस्था की जा रही है। बढ़पुरा गांव में आइसोलेसान वार्ड बनाकर उसमें बाहर से आए लोगों को रखा
गया है। इन लोगों को स्वास्थ्य टीम परीक्षण करेगी, उसके बाद ही ये लोग अपने घरों को जा जाएंगे। घर जाने के
बाद भी 14 दिन तक सभी को परिवार को ग्रामीणों से अलग ही रहना होगा।