शहर के पक्का तालाब में बनी कांशीराम कालोनी की हालत खस्ता हो गई है। कालोनी के 51 ब्लाक में 812 मकान बने हैं। इनमें गरीब परिवार के लोग रह रहे हैं। जलजले के बाद से कालोनीवासी दहशत में हैं।
यहां के 20 फीसदी लोगों ने तो अपने घरों में ताले लगा दिए हैं। वह अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। जो रह भी रह हैं, वे रात को घरों में सोने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ये रात को नुमाइश ग्राउंड में सो रहे हैं।
कालोनी निवासी संजू, जैद, छोटू, राबड़ी देवी, उमेश, जनदेश, कृष्णा, पिंटू, सियाराम, शानू आदि ने बताया कि शनिवार को आए जलजले से तो पूरी कालोनी बुरी तरह से हिल गई थी। इससे पूरी कालोनी में चीख पुकार मच गई थी। सभी लोग घरों को छोड़कर सड़क पर आ गए थे।
इसके बाद रात को सभी ने नुमाइश ग्राउंड और सड़क पर रात गुजारी। रविवार को भी दोपहर में जलजले से दहशत फैल गई। कालोनी में कई स्थानों पर भूकंप से दरारें पड़ गई हैं। कालोनीवासियों का कहना है कि ठेकेदारों ने बहुत खराब मैटेरियल लगाया है। ऐसे में जरा से तेज झटके से सारी कालोनी जमींदोज हो सकती है।
कालोनी के फुरकान ने बताया कि ऊपर के मकान में रहते हैं। शनिवार को दुकान जाने की तैयारी कर रहे थे। उसी समय तेज जलजले से पूरी कालोनी झूलने लगे। दशहत में सब कुछ छोड़कर भागे।
मुख्तार ने बताया कि भूकंप के झटके से कई स्थानों पर दरारें आ गई हैं। मेरे मकान की दीवार में भी दरार पड़ गई है। तीन मंजिला बनी कालोनी में सभी दहशत में हैं। उस दिन से कोई भी रात को घर में नहीं सो रहा है।
कमला मिश्रा ने बताया कि भूकंप से ऐसा लगा की मकान गिरने वाले हैं। घर में मकान के साथ हम लोग भी झूल गए थे। औरतें और बच्चों की चीखों से पूरी कालोनी में दहशत फैल गई है। कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहा है।
नौशाद ने बताया कि कालोनी में मेरा घर नीचे है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं पता चला लेकिन अचानक चीख-पुकार सुनकर बाहर आए तो लोगों ने बताया कि भूकंप से कालोनी झूल रही थी।