फोटो 08:: मेडिसिन विभाग में मरीजों को देखते डॉ. शांतुन निगम व डॉ. अमरदीप सिंह। संवाद
इटावा। जिला अस्पताल में पिछले तीन दिनों से स्वास्थ्य सेवाएं काफी हद तक प्रभावित थीं, लेकिन बृहस्पतिवार को संविदा डॉक्टरों के ड्यूटी पर वापस लौट आने से मरीजों ने राहत की सांस ली है। पिछले तीन दिनों से फिजीशियन और अन्य जरूरी चिकित्सीय कर्मियों के न होने के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखते हुए ओपीडी के अन्य विभागों में तैनात स्थायी डॉक्टरों को इन रिक्त पड़े स्थानों पर अस्थायी तौर पर तैनात कर दिया था, ताकि आपातकालीन व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें। इसके बावजूद डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल और लंबी कतारें लगी थीं।
बृहस्पतिवार को जैसे ही संविदा डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर लौटे, अस्पताल की व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार देखा गया। सुबह से ही फिजिशियन कक्ष डॉ. सौरभ यादव व मेडिसिन विभाग डॉ. शांतनु निगम व डॉ. अमरदीप सिंह के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मरीजों ने बारी-बारी से डॉक्टरों से अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और अस्पताल परिसर से ही दवाइयां प्राप्त कीं।
संविदा कर्मियों और डॉक्टरों के फिर कार्यभार संभालने से न केवल मरीजों को तुरंत उपचार मिला, बल्कि अस्पताल प्रशासन ने भी राहत महसूस की है।