इटावा। जिला अस्पताल में कान का ड्राॅप खत्म हो गया है। मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। कई किलोमीटर दूर से आने वाले मरीज एक रुपये का पर्चे बनवा कर 50 रुपये तक का ड्रॉप बाहर से खरीद रहे हैं।
नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञों के पास रोजाना करीब 100 मरीज आते हैं। इनमें नाक और गला के अलावा करीब 20 मरीज कान के होते हैं, लेकिन करीब 10 दिन से दवा काउंटर से मरीजों को कान का ड्रॉप नहीं मिल रहा है। कई किलोमीटर दूर से आने वाले मरीजों को ड्राॅप के लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
जन औषधि केंद्र में ड्रॉप 16 से 20 रुपये में मिल रहा है, जबकि बाहर मेडिकल स्टोर में इसकी कीमत 50 रुपये तक है। शुक्रवार को जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में डॉ. जेपी चौधरी व डॉ. अश्वनी कुमार के पास अन्य दिनों की अपेक्षा कम मरीज ही आए। मशीनों से परीक्षण के बाद जिन मरीजों को ड्रॉप लिखा, वह दवा काउंटर पर नहीं मिला। बाद में उन्होंने बाहर से खरीदा।
रामनगर से आए विजय ने बताया कि बच्चे के कान में दर्द होने की शिकायत पर जिला अस्पताल आए थे, लेकिन कान में डालने वाला ड्रॉप नहीं मिलने पर अस्पताल परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र से खरीदा।
पक्का बाग से आई मालती देवी ने बताया कि बिटिया के कान में दिक्कत थी। डॉक्टर ने गोली के अलावा कान में ड्रॉप डालने के लिए लिखा। ड्रॉप अस्पताल में मिला नहीं। अब मेडिकल स्टोर से लेकर आए हैं।
फार्मासिस्ट ने करीब 2000 ड्राॅप का आर्डर लगा रखा है। कोई भी दवा खत्म होने से पहले आर्डर लगा दिया जाता है। मंगलवार तक ड्रॉप मिलने की उम्मीद है। ड्राॅप मिलने पर कम से कम तीन महीने काम चल जाएगा।
- डॉ. एमएम आर्या, सीएमएस