राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ संस्थापक केशव बलराम हेडगेवार की 126वीं जयंती तथा नवसंवत्सर पर रविवार को पथ संचलन हुआ। पथसंचलन में पूर्ण गणवेशधारी 1100 से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। स्वागत के लिए शहर के विभिन्न मार्गों पर तोरणद्वार सजाए गए थे।
इसके अलावा जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वयं सेवकों का उत्साहवर्धन किया गया। अंत में जीएलए मथुरा के वाइस चांसलर ने बौद्धिक दिया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संचलन के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
पूर्व निर्धारित समय पर रविवार को शाम 4 बजे पक्का तालाब आरएसएस कार्यालय से पथ संचलन शुरू हुआ। आगे-आगे बसरेहर के बाल स्वयं सेवक घोष बजाते हुए चल रहे थे। सबसे पीछे फ ोर व्हीलर वाहन में सवार लोग भारत माता की जय का घोष करते हुए चल रहे थे।
पथ संचलन पुरविया टोला, मिश्री टोला, बेटन टोला, छैराहा, राजागंज, तहसील चौराहा, नौरंगाबाद चौराहा, बलराम सिंह चौराहा होते हुए पक्का तालाब पर आकर समाप्त हो गया। पथ संचलन का स्वागत करने के लिए मार्ग में एक दर्जन से अधिक तोरणद्वार सजाए गए थे।
आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर पुष्पवर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया गया। समापन के बाद आरएसएस कार्यालय पर बौद्धिक का आयोजन किया गया। जीएलए के वाइस चांसलर दुर्ग सिंह चौहान ने कहा कि आरएसएस राष्ट्रीयता की भावना को लेकर चल रहा है।
यही कारण है कि देश भर में संघ की 60 हजार से अधिक शाखाएं लग रही है। एक लाख से अधिक एकल विद्यालयों का संचालन कर शिक्षा का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। 35 हजार से अधिक सेवाकार्य विभिन्न आयामों के माध्यम से चलाए जा रहे।
संघ का लगातार विस्तार हो रहा है। इस अवसर पर सह विभाग संघचालक विनोद पांडेय, जिला संघ चालक रामनरेश, विभाग प्रचारक सत्यप्रकाश, जिला प्रचारक गोविंद, जिला कार्यवाह दशरथसिंह, जिला प्रचार प्रमुख अवनीश कुमार आदि उपस्थित थे।