चकरनगर। तुली (सरसों का भूसा) से भरी ओवरलोड डीसीएम और ट्रैक्टर-ट्रालियां से आए दिन बिजली पोल टूट रहे हैं। चार दिनों में अलग-अलग जगहों पर छह पोल टूट चुके हैं। सोनेपुरा में तो खंभे टूटने की वजह से तीन दिन से नलकूप फीडर बंद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। इन ओवरलोड वाहनों से जाम भी लग रहा है।
विद्युत उपकेंद्र हनुमंतपुर से निकली सोनेपुरा नलकूप लाइन जर्जर है। रविवार रात सोनेपुरा गांव में तीन पोल तुली लदी डीसीएम की टक्कर से टूट गए। अगले दिन सोमवार को सिरसा गांव में विनोद यादव के घर के पास एक बिजली का पोल ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से टूट गया। मंगलवार और बुधवार को मिटहठी, नदा गांव में दो पोल टूटने से किसान परेशान हैं। सोनेपुरा नलकूप फीडर से तीन दिन से बिजली आपूर्ति बंद है। इससे 14 गांव के करीब 350 किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं।
वहीं, तुली लदीं ओवरलोड गाड़ियों से जाम भी लग रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। जेई राजा बाबू ने बताया कि ओवरलोड वाहनों की टक्कर से खंभे टूट रहे हैं। सोनेपुरा फीडर से जुड़े छह पोल टूटे हैं। गुरुवार रात तक सभी पोल सही कराकर आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उधर, ओवरलोड वाहन सकरे रास्तों पर आमने-सामने आने की वजह से आए दिन जाम की स्थिति बन रही है।