सूरज की तपिश से बचने के लिए बदन को ढंककर जाते लोग।
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इटावा। अप्रैल के महीने में ही पारा 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। सूरज की तपिश से लोग बेहाल हो रहे हैं। इससे लोगों के मुंह से नहीं निकल रहा है कि उफ: अप्रैल में इतनी गर्मी। इस बार गर्मी ने अप्रैल में ही पिछले पांच वर्षों के रिकार्ड तोड़ दिए हैं। चैत्र में ही इतनी गर्मी है तो आगे जेष्ठ बैसाख में तो लोगों का झुलसा देने वाली गर्मी पड़ेगी। शनिवार सबसे गर्म दिन रहा।
जिला मुख्यालय पर दोपहर को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस मापा गया। सुबह से ही चहरे को जला देने वाली तपिश से सभी बेहाल दिखाई दिए। स्कूल जाने वाले बच्चे, शिक्षक और कर्मचारी भी गर्मी से बेहाल नजर आए। महिलाओं ने हाथाें में ग्लब्स व चेहरे पर नकाब लगाकर घर से बाहर निकलना बेहतर समझा तो वहीं पुरुष सिर पर अंगोछा बांध कर खुद को धूप से बचाते दिखाई दिए। गर्मी से शहर का बाजार भी प्रभावित दिखाई दिया और दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। एनआईसी में तापमान मापने वाले महेश तिवारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में पहली बार अप्रैल में ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा है।