बकेवर। 50 शैया अस्पताल में 10 स्टाफ नर्स के सापेक्ष सिर्फ तीन की तैनाती है। स्टाफ नर्स की कमी के चलते इमरजेंसी व एंटी रैबीज पर एक ही ड्यूटी रहती है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ता है।
कस्बा के 50 शैया अस्पताल में दो स्टाफ नर्स शासन से तैनात हैं। एक स्टाफ नर्स को जिला मुख्यालय से कुछ माह पहले अटैच कर दिया था। स्टाफ नर्स के कुल स्वीकृत 10 पदों में सिर्फ तीन स्टाफ नर्स अस्पताल में तैनात हैं। अस्पताल में 24 घंटे उपचार के चलते बारी-बारी स्टाफ नर्स की शेड्यूल के हिसाब से ड्यूटी लगती है।
वहीं, किसी स्टाफ नर्स के बीमार या आकस्मिक अवकाश पर जाने पर 50 शैया अस्पताल में बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन अन्य कर्मचारियों का सहयोग लेकर काम चलता है। वहीं, तीन स्टाफ नर्स होने के बाद भी एंटी रैबीज व इमरजेंसी में एक ही स्टाफ कार्यभार देखती है। पहले इमरजेंसी के मरीजों को देखने व उनका इलाज करने के बाद इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में अस्पताल में कुत्ता-बंदर काटने की एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने के लिए एक स्टाफ नर्स की अलग से नियुक्त की जानी चाहिए। 50 शैया अस्पताल के सीएमएस डॉ संदीप गुलाटी ने बताया कि अस्पताल में स्टाफ नर्स की कमी है। 10 के सापेक्ष मात्र तीन स्टाफ नर्स मिली हैं। कुछ और स्टाफ नर्स नियुक्त किए जाने की मांग उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। स्टाफ नर्स बढ़ने पर मरीजों को समस्या नहीं होगी।