इटावा। जिला अस्पताल में एक्सपायर्ड इंजेक्शन व दवा मिलने का जिले में पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले में काफी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाएं मिल चुकी हैं। इससे अनुमान यह है कि सरकारी एक्सपायर्ड दवाओं को खपाने का खेल कर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर आंकड़ों की बात करें तो दो साल में जिले में तमाम जगह एक्सपायर दवाएं व इंजेक्शन मिले। मामला प्रकाश में आने पर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से जांच कमेटी भी बनाई गई लेकिन अभी तक कार्रवाई शून्य है।
ताजा मामला जिला अस्पताल की इमरजेंसी से जुड़ा हुआ है। मामला प्रकाश में आने पर सीएमएस जांच अधिकारी नामित कर चीफ फार्मासिस्ट हरी बाबू समेत तीन को नोटिस दिया था। जिस अस्पताल में मरीज जिंदगी की उम्मीद लेकर आता है वहीं स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने लगा है।