इटावा/जसवंतनगर। शहरी लोगों की समस्याओं के जल्द समाधान के लिए शुरू किया गया संभव दिवस जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से बेमकसद साबित हो रहा है। हाल ये रहा कि सोमवार को कई जगह अधिकारी समय से नहीं पहुंचे। इस कारण फरियादियों को लाभ नहीं मिल पाया। टंगा बैनर मानो फरियादियों को चिढ़ा रहा हो कि आप चक्कर लगाते रहिए।
सोमवार को नगर पालिका में सुबह से सन्नाटा पसरा रहा। संभव कार्यक्रम का बैनर तो टांग दिया गया लेकिन फरियाद सुनने के लिए अधिकारी समय पर नहीं बैठे। कुछ देर बाद अधिकारी आए तो फरियादी ही लौट गए। सिर्फ चार फरियादियों ने गंदगी, सड़क संबंधी शिकायतें दर्ज कराईं। उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन देकर टरका दिया गया। ईओ विनय कुमार मणी त्रिपाठी ने बताया कि वह एक प्रशिक्षण में हैं। इसलिए अधीनस्थ को निर्देशित किया था। किस वजह से वह भी देरी से बैठे, इसकी जांच कराई जाएगी।
उधर जसवंतनगर में सोमवार में दिनभर अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह की सीट खाली पड़ी रही। किसी ने भी समस्याएं नहीं सुनीं। यहां आए कुछ फरियादी लिपिकों को प्रार्थना पत्र देकर लौट गए। ईओ ने बताया कि वह एसडीएम के यहां सरकारी कार्य से गए थे। अधीनस्थ को समस्याएं सुनने के लिए कहा था।
संभव दिवस में एकमात्र शिकायत आई
भरथना। नगर पालिका परिषद कार्यालय में सोमवार को संभव दिवस में मात्र एक शिकायत आई। मोहल्ला हनुमान गली निवासी राजेश कुमार ने पेयजल कनेक्शन के लिए प्रार्थना पत्र दिया। पालिका के वरिष्ठ लिपिक अरविंद यादव ने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान साहब खां आदि पालिका कर्मी उपस्थित रहे। (संवाद)