इटावा। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या चार नरेंद्र कुमार ने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति को 13 साल बाद दो वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
ज्योति यादव निवासी गली नंबर 10 बी राजा का बाग थाना कोतवाली मैनपुरी का विवाह आठ दिसंबर 2008 को राघवेंद्र यादव पुत्र नवरतन सिंह यादव निवासी कीर्ति नगर डिफेंस कालोनी आगरा के साथ हुआ था। शादी के बाद पति राघवेंद्र आगरा में कंप्यूटर शोरूम खोलने के लिए पांच लाख रुपये व प्लाॅट के लिए तीन लाख रुपये मांगने लगा। रुपये न मिलने पर ज्योति को प्रताड़ित किसा।
सात फरवरी 2010 को ज्योति के पति राघवेंद्र सिंह, ससुर नवरतन सिंह,सास विमला देवी, ननद प्रियंका व नमिता राजा का बाग पीड़ित के घर आए और धमकी दी कि दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो घर की शादी में शामिल नहीं होंगे। उसके बाद ज्योति ने मैनपुरी महिला थाना में नवरतन सिंह, राघवेंद्र सिंह, विमला देवी, प्रियंका व नमिता के विरुद्ध मारपीट व दहेज एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी तारिक एन खान व अधिवक्ता शिवम तिवारी व मैराज अली ख़ान ने पैरवी की थी। कोर्ट ने पति को सजा सुनाई है।