सैफई के शिवपुरी टिमरुआ में निर्माणाधीन शौचालय। अमर उजाला
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शासन ने जिले को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए बेस लाइन से वंचित 20051 गरीब परिवारों को 28 फरवरी तक शौचालय दिए जाने हैं। पंचायत राज विभाग ने सभी पंचायतों को शत प्रतिशत धनराशि भी भेज दी है, लेकिन अभी तक सिर्फ 8076 शौचालय की बन पाए हैं। एक सप्ताह का समय शेष है और 11975 शौचालय बनाए जाने हैं। सीमित अवधि को देखते हुए तयशुदा समय सीमा में लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा। ऐसे में पात्र गरीब परिवार फिलहाल शौचालय से वंचित रहेंगे। ये गरीब लोग ब्लॉक दफ्तरों पर चक्कर काटने को मजबूर हैं।
सामाजिक आर्थिक जनगणना से तैयार शौचालय की बेसलाइन सूची में शामिल करीब एक लाख 60 हजार पात्र परिवारों के यहां शौचालय बनवाए जा चुके हैं। इसके बाद भी काफी संख्या में लोग शौचालय के तहत मिलने वाली अनुदानित 12 हजार रुपये की धनराशि की मांग करते रहे। इस पर सरकार ने नए सिरे से सर्वे कराया। जिसमें जिले के अंदर 20051 पात्र परिवार पाए गए। इन सभी परिवारों के यहां 28 फरवरी तक शौचालय बनाए जाने के निर्देश शासन ने दे रखे हैं।
पंचायतराज विभाग और लाभार्थियों की मानें तो पंचायत स्तर पर शौचालय निर्माण में देरी हो रही है। विभाग के अनुसार कई पंचायतों पर लोड अधिक है। वहीं लाभार्थियों का आरोप है कि शौचालय निर्माण में धांधली हो रही है। इससे उनके निर्माण में विलंब हो रहा है।
भरथना ब्लॉक कार्यालय पर गुरुवार को क्षेत्र के जबरपुरा निवासी इसरार पुत्र रफीक ने मिले। बताया कि शौचालय के लिए पत्नी अफसाना के नाम से ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद अब तक शौचालय निर्माण के लिए धनराशि नहीं मिली है।
शासन के निर्देशानुसार 28 फरवरी तक शौचालय बन जाएंगे। आठ हजार से अधिक की फीडिंग हो चुकी है। दो हजार के आसपास बनकर तैयार खड़े हैं। उनकी फीडिंग होना बाकी है। प्रधान व सचिवों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि तीव्र गति से शौचालय का निर्माण कराएं।
- आरबी सिंह, डीपीआरओ, इटावा