इटावा। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर बृहस्पतिवार को दूसरे दिन केवल एक नामांकन दाखिल हुआ। वहीं तीनों वि सीटों पर 45 नामांकन पत्र वितरित किए गए। नामांकन दाखिल करने में इटावा विस सीट से भाजपा प्रत्याशी सरिता भदौरिया ने सादगी के साथ एक सेट दाखिल किया।
जसवंतनगर विधानसभा सीट और भरथना विधानसभा सीट से अभी कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया है। इटावा विधानसभा सीट से मनोज उपाध्याय बसपा, कुसुमलता उपाध्याय कांग्रेस, मनोज कुमार गुप्ता निर्दलीय, अनिल कुमार निर्दलीय
भूप सिंह बहुजन मुक्ति मोर्चा, बादशाह राजपूत बसपा, प्रमिला देवी निर्दलीय, सत्यप्रकाश जनाधिकार पार्टी, सतीश चंद्र राजपूत जनसेवा पार्टी, सर्वेश कुमार शाक्य सपा, प्रतिभा शाक्य निर्दलीय
विकास बाबू राइट टू रिकाल पार्टी, ओपी राजपूत निर्दलीय, विक्रम सिंह जन अधिकार पार्टी, आशीष राजपूत और कमलेश कुमार राजपूत लोकदल ने नामांकन पत्र लिया।
भरथना विधानसभा सीट से कमला देवी इंडियन नेशनल कांग्रेस, अनिल दोहरे निर्दलीय, राघवेंद्र गौतम सपा, मनोज कुमार निर्दलीय, डॉ. सिद्ध्रार्थ शंकर दोहरे भाजपा, हंसमुखी शंखबार निर्दलीय, हरिकिशन कठेरिया निर्दलीय
स्नेहलता दोहरे कांग्रेस, कौशल कांत प्रजातांत्रिक जनसेवक पार्टी, रानी देवी राष्ट्रीय बहुजन कांग्रेस पार्टी, अमित अंबेडकर निर्दलीय, राकेश चंद्र जन अधिकारी पार्टी ने नामांकन के अलग-अलग 12 सेट लिए।
जसवंतनगर विधानसभा से लालवती, मधू, कौशलेंद्र सिंह, आशुतोष ने पांच सेटों में नामांकनपत्र लिए। मधु ने दो बाकी ने एक एक सेट लिया। नामांकन के दूसरे दिन इटावा से भाजपा प्रत्याशी सरिता भदौरिया ने सादगी के साथ नामांकन भरा।
उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत और राजेश त्रिपाठी एडवोकेट के साथ उपजिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा के समक्ष अपना नामांकन प्रस्तुत किया। नामांकन के दौरान कलक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे।
प्रदेश में 10 मार्च को खिलेगा कमल
इटावा। भाजपा की इटावा विधानसभा सीट से अधिकृत प्रत्याशी सरिता भदौरिया ने सपा-प्रसपा गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि भतीजा नहीं मान रहा चाचा को। जिसने अपने बाप को नहीं माना वह चाचा को क्या मानेगा।
कहा कि प्रदेश में 10 मार्च को फिर से कमल खिलेगा। कहा कि सपा-प्रसपा गठबंधन में प्रसपा को केवल जसवंतनगर सीट दी गई है, जिससे प्रसपा कार्यकर्ताओं मायूसी छाई हुई है। भाजपा के कार्यकर्ता चुनाव में निकल पड़े हैं। प्रदेश सरकार की नीतियों को जनता का समर्थन मिल रहा है।