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घटना के दिन ही गोताखोर खोजते तो मिल जाता सुनील

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फोटो संख्या 18 खोजबीन के दौरान यमुना के किनारे मौजूद पुलिस और सुनील के परिजन - फोटो : ETAWHA
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यमुना नदी में डूबे सुनील का तीसरे दिन मंगलवार को भी कहीं कोई पता नहीं चल पाया। पुलिस के अब तक के प्रयास निरर्थक साबित हुए हैं।
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बेटे के मिलने की आस संजोए पिता ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। कहा कि घटना के दिन ही गोताखोरों से खोजबीन कराई गई होती तो उनका बेटा मिल चुका होता।
बढ़पुरा थाना क्षेत्र के मिहौली की मड़ैया गांव निवासी सुनील (30) पुत्र चतुर सिंह अपने ताऊ के लड़के माखन के साथ रविवार सुबह अपनी दवा लेने लवेदी थाना क्षेत्र के गांव चिंडौली गया था।
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यमुना नदी पार बसे गांव से लौटते समय डोंगी बैठा सुनील पानी में गिरकर डूब गया था। हालांकि कुछ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि लौटते समय उसने डोंगी की बजाय तैर कर यमुना पार करने की कोशिश की थी। जिसमें वह हादसे का शिकार हुआ।
लेकिन उसके साथ रहे माखन ने बताया था कि डूबते समय उसने अंगौछा पकड़ाने का प्रयास किया था। जिसे सुनील पकड़ नहीं पाया और डूब गया।
पहले दिन गोताखोर न मिलने से पुलिस ने आसपास गांव के तैराक लड़कों से खोजबीन कराई थी। जिसमें कोई कामयाबी नहीं मिली। माना जा रहा है कि समय के साथ सुनील पानी में बह कर कहीं दूर जा सकता है।
बहरहाल सुनील को यमुना में डूबे तीन दिन हो गए। यदि वह कहीं नदी किनारे झाड़ियों में उलझा हुआ जीवित मिलता है तो वह किसी करिश्मा से कम नहीं होगा। इन तीन दिनों में पुलिस के प्रयास तो लगातार हुए हैं। लेकिन पीड़ित पिता चतुर सिंह का मंगलवार को धैर्य जवाब दे गया।
सुनील के न मिलने से उन्होंने पुलिस पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि पहले ही दिन पुलिस ने गोताखोर बुलाकर खोजबीन कराई होती तो सुनील मिल चुका होता।
मंगलवार को भी मोटरबोट भी खराब हो गई। लिहाजा चौकी प्रभारी नागेंद्र सिंह की मौजूदगी में नाव से दूर दराज क्षेत्र में गोताखोरों ने खोजना जारी रखा। लेकिन सुनील का कहीं कोई पता नहीं चल पाया। हालांकि चौकी प्रभारी ने कहा कि यमुना नदी में डूबे युवक को खोजने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
गोताखोरों को खोजबीन के दौरान एक शव हाथ लगा। सभी ने समझा कि सुनील की बॉडी है। कुछ देर के लिए पुलिस भी भ्रमित रही। हालांकि परिजनों ने देखकर सुनील का शव न होने की पुष्टि की।
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बरामद शव के अंगों को जानवरों ने क्षतविक्षत कर दिया था। यह खबर सोशल मीडिया पर चर्चित रही। लवेदी थाना के कार्यवाहक प्रभारी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि शव के बरामद होने पर लवेदी पुलिस को सौंपे जाने की बात झूठी है। लवेदी पुलिस को ऐसा कोई शव नहीं सौंपा गया है।
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