निर्माणाधीन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के पुल पर बालक की बलि देने की अफवाह पर ग्रामीणों ने भारी बवाल किया। उन्होंने पुल के पास खड़ी बाइक और डीजल के ड्रम पलटकर आग लगा दी। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। बाद में मामला मारपीट का निकला। जिस लड़के के बलि देने की अफवाह उड़ाई गई थी, वह सकुशल अपने घर पर है।
मामले में फिलहाल किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। शनिवार शाम कठौतिया निवासी हरिसिंह का 12 वर्षीय पुत्र विकास निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे के पुल के पास दूध देने गया था। जब वह देर तक नहीं लौटा तो परिजन खोजने निकले। इस बीच किसी ने घरवालों को सूचना दी की विकास को हाईवे वाले पकड़ कर ले गए हैं।
उधर, गांव में दीनानाथ के यहां तेरहवीं कार्यक्रम में किसी ने अफवाह फैला दी कि हाईवे के पुल के नीचे दबाकर विकास की बलि दे दी गई है। यह अफवाह फैलते ही तमाम लोग पुल के पास पहुंचे और हंगामा करने लगे। इसी बीच किसी ने वहां खड़ी बाइक और डीजल के ड्रम पलटकर उसमें आग लगा दी। लपटें देख कैंप में मौजूद कंपनी के कर्मचारी भाग खड़े हुए।
सूचना पाकर थानाध्यक्ष जेपी यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उपद्रवियों को खदेड़ कर मामला शांत कराया। हरिसिंह ने बताया कि उसके लड़के की बलि देने की अफवाह पर कई गांव के लोग पहुंचे थे, जिन्होंने बेवजह बवाल किया। फूंकी गई बाइक निर्माण कंपनी के किसी कर्मचारी की बताई जा रही है।
थानाध्यक्ष जेपी यादव ने बताया कि विकास वहां दूध देने गया था। उसकी वहां किसी से कहासुनी हो गई। इस पर उसने विकास को थप्पड़ मार दिया, जिससे वह मिट्टी में गिर पड़ा। जब यह सूचना गांव में चल रहे कार्यक्रम में पहुंची तो तमाम लोग भड़क गए। विकास को गड्ढे में दबाने की बात गलत है। विकास सुरक्षित अपने परिजनों के पास है।