इटावा/बकेवर। वैक्सीन खत्म होने के बीच जिले में एक कोरोना संक्रमित मिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। बकेवर के 50 शैया अस्पताल में एंटीजन टेस्ट में वृद्ध संक्रमित मिला है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
इससे पूर्व 22 जून 2022 एक संक्रमित मिला था। फिर से कोरोना के मामले बढ़ते देखकर चिकित्सकों ने बुखार और खांसी से पीड़ित मरीजों की जांच बढ़ा दी है। 50 शैया अस्पताल में एंटीजन टेस्ट के लिए जिला मुख्यालय से एएनएम अन्नू को तैनात किया गया है। वह रोजाना करीब 25 मरीजों का एंटीजन टेस्ट कर रही हैं। शनिवार को भी 25 मरीजों का टेस्ट किया गया। इसमें नबादा क्षेत्र का एक वृद्ध संक्रमित मिला। इसके बाद मरीज की आरटीपीसीआर जांच के लिए टीम को सूचना दी गई। अस्पताल के प्रभारी डॉ. सौरभ यादव ने बताया कि मरीज के घर टीम भेजकर आरटीपीसीआर जांच कराई गई है।
वहीं, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ समय से एंटीजन टेस्ट में भी बढ़ोतरी हुई है। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच तो बंद है लेकिन मेडिकल कॉलेज में यह हो रही है। ओपीडी में करीब आधे मरीज बुखार, खासी, जुकाम के ही हैं। शनिवार को 11 बजे तक चली ओपीडी में 190 मरीज देखे गए। इन्हें जुकाम, बुखार और खांसी की समस्या थी।
जिन मरीजोंं में सात से आठ दिन तक बुखार और खांसी समस्या बनी रह रही है, उनकी कोरोना जांच कराई जा रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. शांतनु निगम और डॉ. प्रशांत यादव के मुताबिक, कोरोना का नया वैरियंट कौन सा है, इसके लिए जीनोम सिक्वेंसी कराई जा रही है। ये ज्यादा समय तक असर दिखा रहा है। बुखार के साथ ही खांसी के समस्या 20 से 25 तक बनी रहती है। इससे बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। कोरोना गाइड लाइन का पालन जरूरी हो गया है।
अलग लक्षण दिख रहेडॉ. शांतनु निगम के मुताबिक, कोरोना के नए वैरियंट में सिरदर्द, जुकाम, छींक आना, गले में दर्द या सूंघने की क्षमता कम होने जैसे लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। इसके लक्षण एकदम वायरल फीवर, मौसमी बुखार या इन्फ्लूएंजा जैसे हैं। कई दिनों तक बुखार और खांसी की समस्या पर एंटीजन टेस्ट कराया जा रहा है।कोविड नियमों का पालन जरूर करें।
यह बरतें सावधानी
- बाहर से आने के बाद हाथों को धोएं।
- सार्वजनिक स्थान पर हैं तो उचित दूरी बनाएं।
- प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उत्तम आहार और विटामिन सी, डी और ई का उपयोग करें।
- योग और कसरत पर ध्यान दें। कम से कम आधे घंटे टहलें।
- दूध में हल्दी मिलाकर पीएं।
- गुनगुने पानी से गरारे करें।
- ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें।