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ओला पीड़ितों ने जाम लगाया, पुलिस ने भांजी लाठियां

Tue, 15 Mar 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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धरने देकर विरोध प्रकट करते ओलावृष्टि से प्रभावित किसान। - फोटो : अमर उजाला
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चकरनगर (इटावा)। चकरनगर क्षेत्र में सोमवार को ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन न किए जाने से गुस्साए किसानों ने मंगलवार को फूफ चौरेला मार्ग जाम कर दिया। भीड़ ने रोडवेज बस भी फूंकनी चाही। सूचना पर कई थानों का फोर्स पहुंच गया। पुलिस ने लाठियां भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ा। उपजिलाधिकारी व तहसीलदार चकरनगर ने दो दिन में नुकसान का आंकलन कराने का भरोसा देकर जाम खुलवाया। इस दौरान चार घंटे तक मार्ग जाम रहने से परीक्षार्थियों व अन्य राहगीरों को काफी परेशानी हुई। उन्हें दूसरे रास्तों से जाना पड़ा। 
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सोमवार को चकरनगर क्षेत्र में ओले गिरने से सैकड़ों एकड़ फसल जमींदोज हो गई थी। सर्वे के लिए कोई अधिकारी नहीं आया तो लोगों ने सुबह 8 बजे पिपरौली गढ़िया एवं बंसरी मोड़ पर फूफ चौरेला मार्ग जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। सूचना पर एसडीएम घनश्याम वर्मा, तहसीलदार सुधीर कुमार समर्पण, थानाध्यक्ष सहसों जेपी पाल, थानाध्यक्ष चकरनगर आनंद कुमार सिंह एवं थानाध्यक्ष बिठौली इंद्रपाल सरोज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की।

उपजिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि नुकसान का आंकलन कराकर सरकार से मुआवजे की धनराशि मांगी जाएगी। वार्ता में सपा नेता परमाल सिंह राजावत एवं नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख के प्रतिनिधि मुकेश सिंह राजावत ने उपजिलाधिकारी से नुकसान का निष्पक्ष आंकलन कराने को कहा। इसी बीच कुछ युवकों ने जगम्मनपुर से इटावा जाने वाली रोडवेज बस रोक ली। सवारियों को उतारकर बस में आग लगाने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने लाठियां भांजकर उन्हें खदेड़ा और बस रवाना की। दोपहर 12 बजे जाम खुल सका।
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उपजिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का स्वयं निरीक्षण किया है। इस पूरे क्षेत्र में ओलावृष्टि से 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। नुकसान का आंकलन करने के लिए लेखपालों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के अंदर सर्वे रिपोर्ट दें ताकि शासन से आर्थिक सहायता मांगी जा सके।
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