श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म जागनी महोत्सव के तहत छह कन्याओं का विवाह कराया गया। नव दंपति को स्वामी परमानंद महाराज एवं सूर्य नारायन महाराज ने आशीर्वाद देकर गृहस्थ जीवन की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी परमानंद महाराज एवं जगदगुरु सूर्य नारायन महाराज ने किया। सामूहिक विवाह के तहत ममता की शादी निगोह छिबरामऊ के जितेंद्र के साथ, दिबियापुर औरैया के गांव ओटो निरवासी शालिनी की शादी इटावा के गौरव के साथ, चंदनापुर औरैया निवासी खुशबू की शादी सालिगपुरा भिंड के सोनू के साथ हुई।
इसी तरह उदी मोड़ की रानी ने मेहदा भिंड निवासी प्रदीप का हाथ थामा। सहार औरैया निवासी कोमल ने सत्यराम निवासी नारायन पुरवा कन्नौज, भवनियापुर बाराबंकी की किरन देवी ने मनिकापुर बाराबंकी निवासी सुनील कुमार का हाथ थामा।
नवदंपति को साड़ी, शॉल, चादर, पायल, नथनी, बिछिया, बक्सा, बर्तन, नकद धनराशि के साथ अन्य उपहार भेंट किए गए। स्वामी परमानंद महाराज ने कहा कि साधारण प्राणी अपने बच्चों का भरण पोषण करते हैं। परंतु निर्धन कन्याओं के विवाह में सहयोग करने से पुण्य का उदय होता है।
कहा कि जैसे धर्मगुरु सभी को अपना मानते हैं वैसे ही राजनेता को अपनी प्रजा को भाषावादी, जातिवादी, आतंक रहित होकर राष्ट्रवादी होकर निर्धन लोगों की निस्वार्थ सेवा करनी चाहिए। कहा कि महोत्सव में प्रत्येक वर्ष परिवारवाद त्याग करके राष्ट्रवादी का कार्य करते हुए निर्धन कन्याओं का विवाह संपन्न कराए जाते हैं।
इस दौरान सूरत से आए जगतगुरु सूर्य नारायन महाराज, मलीहाबाद के स्वामी ब्रह्मज्योति महाराज, इलाहाबाद के नंदकिशोर शास्त्री, वाराणसी के वेदांताचार्य दयानंद जी, डॉ. लक्ष्मीपति वर्मा, राजेंद्र भसीन ने नव दंपति को आशीर्वाद दिया।